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संरक्षित क्षेत्रों में आवास सुधार और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

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संरक्षित क्षेत्रों में आवास सुधार और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर


जयपुर, 09 मार्च (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राजस्थान प्रोटेक्टेड एरिया कंजरवेशन सोसायटी (आरपीएसीएस) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आवास पुनर्स्थापन, जैव विविधता संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में आरपीएसीएस के सचिव एवं अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने बताया कि संस्था के माध्यम से आक्रामक प्रजातियों को हटाने और प्राकृतिक आवास के पुनर्स्थापन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा मिला है। संवेदनशील वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवारों का निर्माण भी कराया गया है। इसके साथ ही जल संरक्षण और आवास सुधार से जुड़े कार्यों में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं, जिससे वन्यजीवों के लिए वर्षभर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2026–27 के लिए वार्षिक कार्य योजना अप्रैल में प्रस्तुत की जाएगी।

इसके अलावा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर संरक्षण से जुड़ी सफल पहल और अनुभव साझा किए जाएंगे। आगामी संचालन परिषद बैठकों में विषय विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि संरक्षण के क्षेत्र में नए और नवाचारपूर्ण विचार सामने आ सकें।

वन विभाग इन प्रयासों को व्यापक स्तर पर साझा करने के लिए सामाजिक माध्यमों पर अभियान चलाएगा। साथ ही एक स्मारक कॉफी टेबल पुस्तक प्रकाशित करने की भी योजना है। वर्तमान नीतियों के अनुरूप ग्राम पुनर्वास कार्यक्रम को गति देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त विभागीय विश्राम गृहों के नवीनीकरण तथा एक आधुनिक व्याख्या केंद्र के विकास की योजना बनाई जा रही है, जिससे ईको-पर्यटन और जनजागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर आनंद कुमार सहित वन एवं पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित