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शरद पूर्णिमा पर गोविंद देवजी से मोती डूंगरी तक सजेगी आस्था की चांदनी

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शरद पूर्णिमा पर गोविंद देवजी से मोती डूंगरी तक सजेगी आस्था की चांदनी


शरद पूर्णिमा पर गोविंद देवजी से मोती डूंगरी तक सजेगी आस्था की चांदनी


शरद पूर्णिमा पर गोविंद देवजी से मोती डूंगरी तक सजेगी आस्था की चांदनी


जयपुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। छोटी काशी जयपुर में रविवार, 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष शृंगार, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और खीर का भोग लगाया जाएगा। गोविंद देवजी मंदिर में ठाकुरजी की शरद उत्सव झांकी सजेगी, वहीं मोती डूंगरी गणेशजी श्वेत पोशाक और चांदी का धवल मुकुट धारण करेंगे। सुभाष चौक स्थित श्री सरस निकुंज में महारास झांकी और चांदपोल बाजार के युगल कुटीर में श्री प्रेमभाया सरकार का शरद चांदनी उत्सव आकर्षण का केंद्र रहेगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृतमयी किरणें बरसाता है। इसी मान्यता के चलते लोग रात में खुले आसमान के नीचे चांदनी में खीर रखते हैं। मंदिरों में भी खीर का विशेष भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

मंदिर श्री गोविंद देवजी में शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद श्वेत जरी-गोटे की धवल पार्चा जामा पोशाक, विशेष अलंकार, पुष्पों और पूर्णिमा के विशेष मुकुट से शृंगार किया जाएगा। संध्या झांकी के बाद महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में विशेष शरद उत्सव झांकी सजाई जाएगी। रात्रि 7.15 से 7.30 बजे तक ठाकुरजी की विशेष 'शरद की खाट' के दर्शन होंगे। इसमें चौसर और शतरंज खेलते हुए ठाकुरजी की पारंपरिक झांकी सजाई जाएगी। इस दौरान माला, पान और इत्र की सेवा अर्पित करने के साथ खीर का विशेष भोग लगाया जाएगा।

इसी मंदिर के पास रविवार सुबह 8 से 10 बजे तक गायत्री परिवार की ओर से निशुल्क चंद्र गायत्री महायज्ञ होगा। महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में होने वाले इस आयोजन में देव आह्वान और षोडशोपचार पूजन के बाद पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ किया जाएगा। श्रद्धालु चंद्र गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए देसी नस्ल की गाय के दूध से बनी खीर और पलाश की समिधा से आहुतियां देंगे। गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी की टोली यज्ञ संपन्न कराएगी। आयोजकों के अनुसार, यज्ञ में कोई भी श्रद्धालु शामिल हो सकता है और सामग्री घर से लाने की आवश्यकता नहीं है। इस अवसर पर लागत मूल्य पर धार्मिक साहित्य उपलब्ध कराने के लिए पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा। सप्ताह में जन्मदिन या विवाह दिवस वाले लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ विशेष आहुतियां भी दी जाएंगी।

सुभाष चौक स्थित पानों का दरीबा के श्री शुक संप्रदाय आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में 25 अक्टूबर को ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी जू सरकार की भव्य महारास झांकी सजाई जाएगी। श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया के अनुसार, पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में संध्या आरती के बाद शाम 7 से रात 9.30 बजे तक दर्शन होंगे। शरद की धवल चांदनी के अनुरूप मंदिर परिसर को सफेद सजावट से सजाया जाएगा। वैष्णवजन 'रास में रसिया रंगीला नंदलाला है...', 'रास में श्री राधे जू गावें...' और 'मोहन वेणु बजावें...' जैसे पदों का संकीर्तन करेंगे। ठाकुरजी को विविध मिष्ठान और पारंपरिक खीर का भोग अर्पित किया जाएगा।

शहर के आराध्य देव मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में भी विशेष आयोजन होगा। महंत कैलाश शर्मा के अनुसार, गणेशजी महाराज नवीन श्वेत पोशाक और चांदी का धवल मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर परिसर में सफेद फूलों से भव्य फूल बंगला सजाया जाएगा और भगवान को खीर का विशेष भोग लगाया जाएगा। परंपरा के अनुसार रात में चांदनी में खीर रखी जाएगी और अगले दिन सुबह श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

चांदपोल बाजार में जय लाल मुंशी के रास्ते स्थित युगल कुटीर में श्री प्रेमभाया सरकार का शरद चांदनी उत्सव मनाया जाएगा। समिति अध्यक्ष दुर्गा चौधरी के अनुसार, ठाकुरजी का ऋतु पुष्पों से शृंगार कर खीर का विशेष भोग लगाया जाएगा। शाम 7.30 से रात 11 बजे तक भक्ति संगीत कार्यक्रम होगा। इसमें प्रसिद्ध गायक श्री युगलजी महाराज द्वारा रचित ढूंढाड़ी रचनाओं के माध्यम से प्रभु का गुणगान करेंगे। आयोजन में श्रद्धालु भक्ति संगीत के बीच शरद पूर्णिमा का उत्सव मनाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश