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रेलवे भूमि से होगा राजस्व सृजन, कर्मचारियों को मिलेंगे 300 आधुनिक आवास

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रेलवे भूमि से होगा राजस्व सृजन, कर्मचारियों को मिलेंगे 300 आधुनिक आवास


काेटा, 13 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने रेलवे भूमि के स्मार्ट एवं उत्पादक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) एवं कोटा मंडल के संयुक्त प्रयास से कोटा स्थित वर्कशॉप एवं लोको कॉलोनी की लगभग 1.5 लाख वर्गमीटर भूमि का वाणिज्यिक उपयोग किया जाएगा। इस पहल से रेलवे को दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त होगा तथा कर्मचारियों को आधुनिक एवं सुविधासंपन्न आवास भी उपलब्ध होंगे।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इस परियोजना में रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल अपनाया गया है। वाणिज्यिक विकास से प्राप्त आय से ही कॉलोनी का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिससे रेलवे को इस पर अलग से कोई राशि व्यय नहीं करनी होगी। डेवलपर द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात् टाइप-II, III एवं IV श्रेणी के 300 आधुनिक स्टाफ क्वार्टर्स कोटा मंडल को हस्तांतरित किए जाएंगे।

जैन ने बताया कि नई कॉलोनी में सड़क नेटवर्क, पार्किंग, जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत व्यवस्था, हरित क्षेत्र एवं खेल सुविधाओं का पूर्ण प्रावधान होगा। परियोजना को चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाएगा तथा आरएलडीए द्वारा निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।

यह परियोजना कोटा मंडल के लिए चौतरफा लाभकारी है — रेलवे भूमि का उत्पादक उपयोग, दीर्घकालिक राजस्व की निश्चितता, कर्मचारियों के जीवन-स्तर में सुधार तथा कोटा शहर में आधुनिक अवसंरचना का विकास। यह पहल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण एवं संसाधनों के कुशलतम उपयोग के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव