राष्ट्रीय खनन सम्मेलन में चित्तौड़गढ़ मॉडल की सराहना, ‘एकलव्य ज्ञान केंद्र’ बना आकर्षण
जयपुर/नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार के खनन मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में 23-24 मार्च को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय खनन सम्मेलन में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) कार्यों को विशेष सराहना मिली।
सम्मेलन का मुख्य विषय “आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत डीएमएफ निधि का प्रभावी उपयोग” रहा, जिसमें देशभर के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में चित्तौड़गढ़ द्वारा लगाए गए स्टॉल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यहां डीएमएफटी के तहत किए गए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया। विशेष रूप से “एकलव्य ज्ञान केंद्र” पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
जी. किशन रेड्डी ने सम्मेलन में संबोधित करते हुए डीएमएफ निधि के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने चित्तौड़गढ़ स्टॉल का अवलोकन कर वहां किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
इस दौरान नीति आयोग के एबीएफ राधाकिशन शर्मा ने जिले में संचालित विकास कार्यों की जानकारी दी।
मंत्री ने “एकलव्य ज्ञान केंद्र” पहल को डीएमएफ निधि के प्रभावी और अनुकरणीय उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
सम्मेलन में चित्तौड़गढ़ का प्रतिनिधित्व मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरविंद मूंदड़ा और खनि विभाग से विशाल जोशी ने किया। सम्मेलन में चित्तौड़गढ़ जिले के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। डीएमएफ निधि के जरिए खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सराहा गया। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव की बात मानी जा रही है, जो खनन क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में प्रभावी कार्यों को दर्शाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

