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राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में स्त्री अनुशल्य–2026 अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

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राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में स्त्री अनुशल्य–2026 अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन


जयपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग के क्षेत्र में नवीन आयामों पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ‘स्त्री अनुशल्य–2026’ का सफल आयोजन किया गया। 24–25 अप्रैल को जोरावर सिंह गेट स्थित संस्थान परिसर में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन संस्थान के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग तथा कागोफ़ के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

कार्यशाला का उद्देश्य स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र में पैरासर्जिकल प्रक्रियाओं के आधुनिक और वैश्विक दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श करना रहा। इसमें देश-विदेश से करीब 260 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें नवीन अनुसंधान, क्लिनिकल अध्ययन और साक्ष्य-आधारित निष्कर्ष शामिल रहे।

कार्यशाला में 8 राष्ट्रीय और 3 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने महिलाओं से जुड़े रोगों और उनके उपचार पर विस्तृत जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. कौमुदी करुणागोडा, डॉ. हृद्या टी. चन्द्रन और वैद्य राजेश कंवर शामिल रहे।

इस दौरान रक्तमोक्षण, अग्निकर्म, विद्धकर्म, मर्म चिकित्सा और कपिंग थेरेपी की लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी कराई गईं। इन तकनीकों के उपयोग को गर्भाशय गांठ, एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, पीसीओएस, स्तन रोग, पीआईडी और हाइड्रोसाल्पिन्क्स सहित विभिन्न रोगों के उपचार में प्रदर्शित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश