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राजस्थान में मानसून सुस्त, 18 जिलों में यलो अलर्ट के बावजूद बारिश कमजोर

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राजस्थान में मानसून सुस्त, 18 जिलों में यलो अलर्ट के बावजूद बारिश कमजोर


जयपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में मानसून का दौर एक बार फिर कमजोर पड़ गया है। बारिश की गतिविधियां घटने के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

मौसम विभाग ने शनिवार को पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, लेकिन पिछले दिन के आंकड़े बताते हैं कि अलर्ट के बावजूद बारिश व्यापक स्तर पर नहीं हुई। शुक्रवार को 15 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट था, लेकिन इनमें से 11 जिलों में मौसम पूरी तरह साफ रहा। जिन इलाकों में बारिश हुई, वहां भी ज्यादातर स्थानों पर पानी 10 मिलीमीटर से कम ही बरसा।

मौसम विभाग ने 21 अगस्त को मौसम विभाग ने सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, अलवर, अजमेर, टोंक, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद बारिश कुछ चुनिंदा इलाकों तक ही सीमित रही।

किशनगंज और अटरू क्षेत्र में कुल 9 मिलीमीटर, भरतपुर के बयाना, उच्चैन और वैर में 6 मिलीमीटर तथा धौलपुर में 5 मिलीमीटर बारिश हुई। कोटा के कानावास में 3 मिलीमीटर और उदयपुर के मावली में 1 मिलीमीटर पानी बरसा। मावली में बारिश के लिए मौसम विभाग की ओर से कोई अलर्ट नहीं था।

मानसून की सुस्ती का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश और बादलों की कमी के कारण कई जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर 39.9 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा और यहां पारा 40 डिग्री के बेहद करीब पहुंच गया।

चूरू में 39 डिग्री, बीकानेर में 37.4, फलोदी में 37, फतेहपुर में 36.5, हनुमानगढ़ में 36.3 और झुंझुनूं में 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान मापा गया। प्रदेश में दिन का सबसे कम अधिकतम तापमान प्रतापगढ़ में 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की सक्रियता मुख्य रूप से ट्रफ लाइन की स्थिति पर निर्भर करती है। ट्रफ लाइन के आसपास हवा के दबाव और दिशा में बदलाव से ऐसा क्षेत्र बनता है, जहां बादल विकसित होने के साथ अच्छी बारिश होती है।

फिलहाल मानसून की ट्रफ लाइन उत्तर भारत के अमृतसर, मुजफ्फरनगर, कानपुर, डालटनगंज और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसका अधिकांश हिस्सा राजस्थान से उत्तर दिशा में होने के कारण प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर चल रही हैं।

ऐसे में फिलहाल राजस्थान में व्यापक और तेज बारिश का दौर कमजोर दिखाई दे रहा है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों में 22 अगस्त के लिए यलो अलर्ट जारी होने से कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। दूसरी ओर, बारिश के बीच लंबा अंतराल रहा तो प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और तापमान में फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित