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भीलवाड़ा में बुधवार काे सनातन शोभायात्रा, संत दर्शन से गूंजेगी धर्मनगरी

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भीलवाड़ा में बुधवार काे सनातन शोभायात्रा, संत दर्शन से गूंजेगी धर्मनगरी


भीलवाड़ा, 24 फ़रवरी (हि.स.)। धर्मनगरी भीलवाड़ा में बुधधार, 25 फरवरी को सनातन एकता की भव्य झलक देखने को मिलेगी। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के अंतर्गत बुधवार को संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के माध्यम से दीक्षा ग्रहण करने जा रहे तीनों दीक्षार्थियों इन्द्रदेव, सिद्धार्थ एवं कुनाल की नगर परिक्रमा होगी।

आयोजन समिति के अनुसार शोभायात्रा प्रातः 8 बजे अयोध्यानगर (दूधाधारी मंदिर) से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए हरि शेवा धाम पहुंचेगी। इसमें संत-महापुरुषों के साथ नगर की प्रभात फेरी मंडलियां और हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। आयोजन का उद्देश्य संत दर्शन के साथ सनातन एकता का संदेश देना है। शोभायात्रा में उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज (रमणरेती, गोकुल वन मथुरा) सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों का सानिध्य रहेगा। मंगलवार को उनके भीलवाड़ा पहुंचने पर आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज एवं अन्य संतों ने स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार नगर में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठन शोभायात्रा में भागीदारी करेंगे।

आयोजन के तहत 26 फरवरी को सुबह 9 बजे आश्रम परिसर में दीक्षा दान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके उपरांत दोपहर 1 बजे से अग्रवाल उत्सव भवन (रोडवेज बस स्टैंड के सामने) में “एक संगत, एक पंगत, एक भाषा, एक भूषा” के भाव के साथ विशाल समष्टि भंडारे का आयोजन होगा। महोत्सव के अंतर्गत चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर द्वारा रासलीला एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वाचन किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा जीवन के संताप को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करती है तथा माता-पिता की सेवा और कर्तव्यपालन के महत्व पर बल दिया।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन श्रीरामचरितमानस पाठ, अखण्ड श्रीराम नाम संकीर्तन, श्री विष्णु महायज्ञ, शतचंडी पाठ, अखण्ड श्रीमद्भगवद्गीता पाठ एवं रासलीला का आयोजन जारी है। बुधवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति होगी। वहीं गुरुवार को कथा के अंतिम दिवस सुदामा चरित्र प्रसंग एवं भागवत सार का वाचन निर्धारित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद