भडल्या नवमी पर जयपुर में मांगलिक कार्यों की धूम: अबूझ मुहूर्त में हुए विवाह और गृह प्रवेश, मंदिरों में उमड़ी भीड़
जयपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। सनातन धर्म में अबूझ मुहूर्त मानी जाने वाली 'भडल्या नवमी' बुधवार को गुलाबी नगरी में पूर्ण श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाई गई। भड़ल्या नवमी स्वयं सिद्ध एवं अबूझ मुहूर्त होने के कारण शुभ कार्यों के लिए अलग से पंचांग या मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। यही वजह रही कि गुरु अस्त होने के बावजूद अबूझ मुहूर्त के प्रभाव से दिनभर शहर में विभिन्न मांगलिक आयोजनों की धूम बनी रही।
इस पावन अवसर पर राजधानी जयपुर में बड़ी संख्या में विवाह समारोह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार और नवीन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के शुभारंभ जैसे शुभ कार्य संपन्न हुए। भड़ल्या नवमी का दिन होने से शादी-ब्याह के लिए शहर के मैरिज गार्डनों, बैंक्वेट हॉलों और मंदिरों में सुबह से ही गहमागहमी देखने को मिली।
दिनभर धार्मिक गतिविधियों का भी दौर चला। आराध्य देव श्री गोविंद देवजी मंदिर सहित शहर के प्रमुख देवालयों में भगवान गणेश, भगवान शिव एवं मां दुर्गा का विशेष पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और परिवार की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भड़ल्या नवमी पर दान-पुण्य का विशेष महत्व होने के कारण अनेक स्थानों पर सामाजिक संगठनों और आमजनों द्वारा जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य आवश्यक पठन-पाठन व जीवनोपयोगी सामग्री का वितरण भी किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

