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बड़गांव में मातृशक्ति ने गुंजाया सनातन की अलख का संदेश

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बड़गांव में मातृशक्ति ने गुंजाया सनातन की अलख का संदेश


बड़गांव में मातृशक्ति ने गुंजाया सनातन की अलख का संदेश


उदयपुर, 18 जनवरी (हि.स.)। उदयपुर शहर का बड़गांव रविवार को उस समय सनातनी उत्सव के माहौल में रंग गया जब विराट हिन्दू सम्मेलन के तहत शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सिर पर कलश धारण किए मंगलाचार गुंजाया। ऐसा प्रतीत हुआ कि लाल चुन्दड़ी धारण किए हिन्दू समाज की माताएं सनातन की परम्पराओं और संस्कारों की अलख जगाने के संकल्प का जयघोष कर रही हों। स्थिति यह बनी कि कई माताएं-बहनें कलश से वंचित रह गईं तो वे भजनों-मंगल गीतों पर नाचते-गाते चलीं।

सनातन प्रतीकों, महापुरुषों की झांकियों से सजी शोभायात्रा बालकेश्वर महादेव मंदिर से जैसे-जैसे बड़गांव मुख्य मार्ग होते हुए बड़गांव पंचायत समिति मैदान की ओर बढ़ी, पग-पग पर स्वागत करते समाजजन स्वागतोपरांत शोभायात्रा के साथ होते चले। पूरी शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, योगेश्वर कृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी के जयकारे लगाते चले। मेवाड़ के आराध्य एकलिंगनाथ, चारभुजानाथ के जयकारों से भी गगन गूंजा।

सनातन संस्कृति की अलख और हिन्दू समाज की एकजुटता की इस विराटता के दर्शन कर हर कोई अभिभूत हो उठा। शोभायात्रा में स्थानीय संत-महंतों का भी सान्निध्य रहा। बग्घी में बिराजमान संत-वृंद सभी को आशीर्वाद प्रदान करते चले। शोभायात्रा के अग्रभाग में मंगल धुन बजाते बैण्ड तथा मेवाड़ी गीत और भजन गाते कलाकार चले। इसके पश्चात निशान के रूप में दो घोड़े और दो सजे-धजे ऊंट शोभायात्रा की शोभा बने। इनके पीछे घोड़े पर सवार झांसी की रानी की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।, मंगलगान गाती हुई मातृशक्ति ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। शोभायात्रा में हनुमान जी का रूप धारण किए एक युवक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं रथों पर भारत माता, महादेव, बाप्पा रावल, महाराणा प्रताप, हाड़ीरानी सहित सनातन परम्परा और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती झांकियां लोगों में श्रद्धा, गौरव और शौर्य का भाव जागृत करती रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता