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फेशियल ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म का अध्ययन, अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट

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फेशियल ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म का अध्ययन, अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट


अजमेर, 24 अगस्त(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग के अधिकारियों के एक विशेष अध्ययन दल ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के परीक्षा केंद्रों पर लागू 'फेशियल ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म' और उसकी कार्यप्रणाली का बारीकी से अध्ययन कर सोमवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट आरपीएससी अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को सौंप दी है।

आरपीएससी अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि आयोग का मुख्य ध्येय मेहनतकश युवाओं के भविष्य और परीक्षाओं की शुचिता व गरिमा को पूरी तरह सुरक्षित रखना है। इसी दिशा में, राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा यूपीएससी और देश के अन्य भर्ती आयोगों की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं और 'बेस्ट प्रैक्टिसेस' का नियमित रूप से अध्ययन कर रहा है जिससे आरपीएससी के परीक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। इस संबंध में विस्तृत जानकारी निर्धारित समय पर दी जाएगी।

आयोग का मुख्य उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर डमी कैंडिडेट के बैठने की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त करना और किसी भी प्रकार की नकल पर पूर्णतः रोक लगाना है। इसके लिए आधुनिक उपकरणों से लैस एक मजबूत और अभेद्य सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसी के तहत हाल ही में आयोग अध्यक्ष की अध्यक्षता में आईटी टीम और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक एंड इंस्ट्रूमेंट लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक (आईटी) के साथ एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में परीक्षा केंद्रों की लाइव सर्विलांस और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बायोमेट्रिक्स, फेस रिकग्निशन एंड ऑथेंटिकेशन, एचएचएमडी (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) और एआई फेस रिकग्निशन युक्त सीसीटीवी कैमरों के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा के बाद आयोग की ओर से अपनी विशिष्ट तकनीकी जरूरतें और क्वेरीज संबंधित एजेंसी को सौंप दी गई हैं। आगामी 4 से 5 दिवस में इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आयोग द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के उद्देश्य से आगामी दिनों में राजस्थान पुलिस की रिक्रूटमेंट विंग के उच्चाधिकारियों के साथ भी आयोग अध्यक्ष द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि परीक्षा तंत्र को अभेद्य बनाया जा सके।

कारगिल दिवस के अवसर पर आरपीएससी अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह पहले ही यह स्पष्ट विश्वास जता चुके हैं कि आरपीएससी के स्तर पर अब पेपर लीक जैसी घटना होना असंभव है। एसआई पुनः परीक्षा 2021 के साथ ही आगामी परीक्षाओं की व्यापक और कड़ी तैयारियों के मद्देनजर डमी कैंडिडेट तथा नकल की सभी संभावनाओं को खत्म करने के लिए उठाए जा रहे ये तमाम कदम स्पष्ट संदेश देते हैं कि आयोग परीक्षाओं की शुचिता को बनाए रखने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष