प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान, पहले चरण में दस प्रतिशत भूमि पर करें शुरुआत : कन्हैयालाल चौधरी
डीडवाना, 18 जून (हि.स.)। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं डीडवाना-कुचामन जिला प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे पहले चरण में अपनी कम से कम 10 प्रतिशत कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती शुरू करें और प्राप्त अनुभव, फीडबैक तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इसे धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कृषि विभाग द्वारा गुरुवार को डीडवाना के टाउन हॉल में आयोजित एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है, बल्कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और पर्यावरण संरक्षण को भी दीर्घकालीन लाभ मिलता है।
उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, कम लागत में उत्पादन और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के फायदे बताते हुए कहा कि आने वाला समय प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों का है। किसानों को बदलते समय के साथ खेती के ऐसे मॉडल अपनाने होंगे, जो आर्थिक रूप से लाभकारी होने के साथ पर्यावरण के लिए भी अनुकूल हों।
कार्यशाला में जिला कलक्टर अवधेश मीणा ने कहा कि वर्तमान दौर प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती का है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे गुणवत्ता आधारित कृषि उत्पाद तैयार करें, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को प्राथमिकता देने वाले उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा सके। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों के जरिए किसानों को बाजार में उचित और प्रीमियम मूल्य प्राप्त हो सकता है।
कार्यशाला में 500 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न तकनीकों, संभावनाओं और लाभों की जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

