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पेल्विस-एसीटैबुलम फ्रैक्चर के इलाज की तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

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पेल्विस-एसीटैबुलम फ्रैक्चर के इलाज की तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव


जोधपुर, 08 अगस्त (हि.स.)। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय राजस्थान पेल्विएसीटैबुलर कैडवेरिक ट्रॉमा कोर्स के प्रथम दिवस पर शनिवार को पेल्विस एवं एसीटैबुलम फ्रैक्चर के आधुनिक उपचार पर देश के प्रमुख विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. एमके आसेरी एवं प्रो. बीएस जोधा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष प्रो. अरुण वैश्य तथा आयोजन सचिव डॉ. रामा किशन चौधरी ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। पहले दिन पेल्विएसीटैबुलर फ्रैक्चर के मूलभूत सिद्धांतों से लेकर जटिल फ्रैक्चर के उपचार तक व्याख्यानों की विस्तृत श्रृंखला आयोजित की गई।

राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ प्रो. रमेश सेन, प्रो. विवेक त्रिखा, डॉ. प्रणव शाह एवं प्रो. अभय एल्हेंस ने फ्रैक्चर के वर्गीकरण, शारीरिक संरचना, उपचार की योजना, ऑपरेशन की विभिन्न तकनीकों तथा जटिल मामलों के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने बताया कि पेल्विस एवं एसीटैबुलम शरीर के अत्यंत जटिल क्षेत्रों में आते हैं, जहां प्रमुख रक्त वाहिकाओं एवं नसों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण अंगों की निकटता के कारण इन फ्रैक्चर का उपचार अत्यधिक चुनौतीपूर्ण होता है।

ऐसे मामलों में सटीक निदान, उचित ऑपरेटिव योजना एवं प्रशिक्षित शल्य कौशल बेहद महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सॉ-बोन कार्यशाला रही। इसमें प्रतिभागियों को पेल्विस एवं एसीटैबुलम फ्रैक्चर में प्लेट एवं स्क्रू द्वारा स्थिरीकरण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही पेल्विएसीटैबुलर सर्जरी में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों एवं इम्प्लांट्स का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में प्रो. रमेश सेन, प्रो. विवेक त्रिखा, डॉ. प्रणव शाह, प्रो. अभय एल्हेंस, डॉ. उमेश मीणा, डॉ. संदीप यादव, डॉ. अक्षत विजय, डॉ. मुकेश असवाल, डॉ. लक्ष्मण चौधरी एवं डॉ. मनोज गोदारा सहित राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे। ऑर्थोपेडिक्स एवं एनाटॉमी विभाग की ओर से प्रो. अरुण वैश्य, डॉ. किशोर रायचंदानी, डॉ. महेश भाटी, डॉ. हेमंत जैन, डॉ. रामा किशन चौधरी, डॉ. मुकेश सैनी, डॉ. निरोत्तम सिंह, डॉ. देवेंद्र सिंह गोदारा, डॉ. कुलदीप धांकर, डॉ. कुलदीप सिंह राठौड़, डॉ. गौतम चंद, डॉ. आशीष गौड़, डॉ. मनोज रेहड़ू एवं डॉ. अंकित सोनी ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश