नशे के खिलाफ राजस्थान पुलिस की लक्ष्मण रेखा: 5 हजार 410 लोगों ने लिया नशामुक्त राजस्थान का संकल्प
जयपुर, 08 जून (हि.स.)। राजस्थान को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की ओर से संचालित महत्वाकांक्षी अभियान ‘प्रोजेक्ट लक्ष्मण रेखा’ के तृतीय चरण का सोमवार को राज्यव्यापी आयोजन किया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन तथा एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में पुलिस, शिक्षण संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और आमजन ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी भी आवश्यक है। राजस्थान पुलिस एक ओर नशा तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान भी चला रही है। उन्होंने कहा कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन का सामूहिक सहयोग जरूरी है।
अभियान के तहत राज्यभर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, उसके सामाजिक और पारिवारिक परिणामों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में पोस्टर प्रदर्शन, व्याख्यान, संवाद सत्र, नुक्कड़ नाटक और शपथ ग्रहण जैसे विभिन्न माध्यमों से युवाओं को जागरूक किया गया।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि राजस्थान पुलिस केवल मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से नशा मुक्ति क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को अभियान से जोड़ा गया है।
राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 5410 लोगों ने भाग लिया। इनमें 180 छात्र स्वयंसेवकों तथा 50 शिक्षक योद्धाओं का चयन किया गया, जो अपने-अपने संस्थानों और समुदायों में नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाएंगे। कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और आमजन को नशा नहीं करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई।
प्रोजेक्ट लक्ष्मण रेखा के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर क्षेत्र को विशेष निगरानी और जागरूकता के माध्यम से नशामुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री, प्रचार-प्रसार अथवा सेवन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को नशीली गतिविधियों की गोपनीय सूचना देने के लिए शिकायत पेटिकाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
एएनटीएफ की विभिन्न चौकियों और थानों द्वारा स्थानीय पुलिस, शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। सर्वाधिक सहभागिता जयपुर क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां करीब 650 प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
अभियान के तहत आयोजित कार्यशालाओं में कई भावनात्मक क्षण भी देखने को मिले। कार्यक्रम के दौरान उन ‘मुक्तिवीरों’ ने अपने अनुभव साझा किए, जो कभी नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन संघर्ष कर सामान्य जीवन में लौटे। उनके अनुभव सुनकर कई विद्यार्थियों और शिक्षकों की आंखें नम हो गईं।
‘दर्पण कला मंच’ की ओर से नशे के कारण परिवारों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को दर्शाते हुए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के मार्मिक दृश्यों ने उपस्थित युवाओं और आमजन को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित लोगों ने नशा बेचने वाले अपराधियों की जानकारी बिना किसी भय के पुलिस की शिकायत पेटिकाओं में देने का संकल्प लिया। साथ ही अभियान को गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचाकर राजस्थान को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का संकल्प भी दोहराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

