धूमधाम से मनाया शंकराचार्य जयंती महोत्सव
जोधपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। चैनपुरा स्थित कांची कामकोटि पीठम में कुंभाभिषेक एवं श्रीमद् भगवतपाद शंकराचार्य जयंती महोत्सव मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। इसके साथ ही यहां चल रहा तीन दिवसीय जयंती महोत्सव भी संपन्न हो गया।
महोत्सव के तीसरे मंगलवार को विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें मुख्य रूप से कुंभाभिषेक एवं श्रीमद् भगवतपाद का शिष्यों सहित अभिषेक, भगवान चंद्र मौलीश्वर महादेव का दिव्य अभिषेक एवं दोपहर में यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इस महोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ऋत्विक (वैदिक विद्वान) जोधपुर पहुंचे थे। मध्याह्न काल में विशेष आहुतियों के साथ यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं।
दण्डी स्वामी शिवेंद्रआश्रम महाराज ने भगवान आदि शंकराचार्य की 2535वीं जयंतीपर सनातन धर्म एवं श्री भगवान आदि शंकराचार्य विषय पर अपने आशीर्वचन दिए। स्वामीजी ने मर्मस्पर्शी व्याख्या करते हुए कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान कर परमात्मा में लीन होना है। उन्होंने श्रीमद भगवतपाद रचित विवेक चूड़ामणि के प्रमुख स्तंभोंकृविवेक, वैराग्य, षट्संपत्ति और मुमुक्षुत्व पर विस्तार से चर्चा कर भक्तों का मार्गदर्शन किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

