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तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों का समावेश अनिवार्य: वासुदेव देवनानी

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तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों का समावेश अनिवार्य: वासुदेव देवनानी


बीकानेर, 13 मार्च (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में 'तकनीक' प्रधान हो सकती है, लेकिन इसका अंतिम लक्ष्य 'मनुष्यता का विकास' होना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी शुक्रवार को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) के चतुर्थ दीक्षान्त समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

विधानसभा अध्यक्ष ने वर्तमान दौर की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैट जीपीटी जैसे संसाधनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एआई कार्यों को सुगम जरूर बना सकती है, लेकिन यह कभी भी मानव मस्तिष्क और उसकी संवेदनशीलता का विकल्प नहीं बन सकती। उन्होंने विद्यार्थियों को आगाह किया कि केवल मशीनी ज्ञान पर निर्भरता घातक हो सकती है; असली मेधा मनुष्य के मौलिक चिंतन और विवेक में ही निहित है।

देवनानी ने ऋग्वेद के मंत्र ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें विश्व भर के श्रेष्ठ विचारों को अपनाना चाहिए। आईटी उन्होंने ऋषि कणाद, आर्यभट्ट और कौटिल्य जैसे विद्वानों का उदाहरण देते हुए बताया कि भारत की ज्ञान परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। उन्होंने नई शिक्षा नीति (एनईपी) की सराहना करते हुए कहा कि कौशल विकास और व्यावहारिक ज्ञान ही 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने का सबसे बड़ा मंत्र है।

समारोह के दौरान शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने बताया कि चतुर्थ दीक्षांत समारोह में कुल 3380 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ वितरित की गई हैं। उन्होंने विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि इनमें सर्वाधिक 2588 डिग्रियाँ बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) संकाय में दी गई हैं। इसके अतिरिक्त 483 विद्यार्थियों को मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए), 242 को मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए), 42 को मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक), 12 को बैचलर ऑफ डिजाइन (बी डिजाइन), 4 को बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) तथा 9 शोधार्थियों को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधियाँ प्रदान की गई हैं। प्रो. गर्ग ने बताया कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 23 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 166 विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाण पत्र से भी नवाजा गया है।

कुलसचिव रचना भाटिया ने आभार जताया। कार्यक्रम में खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित, राजूवास के कुलगुरु प्रो. सुमंत व्यास, डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, सुमन छाजेड़ सहित विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल सदस्य, स्टाफ, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव