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जोधपुर की डॉक्टर ने कान्स फिल्म फेस्टिवल में बिखेरा जलवा

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जोधपुर की डॉक्टर ने कान्स फिल्म फेस्टिवल में बिखेरा जलवा


जोधपुर, 25 मई (हि.स.)। शहर की स्त्री रोग विशेषज्ञ, फैशन आइकन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. सोनल परिहार ने एक इतिहास रच दिया है। उन्होंने हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर से लेकर फ्रांस में आयोजित दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट तक का शानदार सफर तय किया है। मिसेज इंडिया और कई अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद, अब उन्होंने कान्स में भारत और खासकर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

जोधपुर में मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ी डॉ. सोनल परिहार ने अपनी पहचान केवल एक डॉक्टर के रूप में नहीं बनाई, बल्कि फैशन, मोटिवेशन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मिसेज इंडिया और अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सफलता के बाद अब वे फ्रांस में आयोजित प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत और राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। कान्स के रेड कार्पेट पर डॉ. सोनल परिहार की ड्रेसिंग थीम खास तौर पर राजस्थान की सांस्कृतिक झलक और ग्लोबल फैशन का मिश्रण को प्रदर्शित करने वाली रही। कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान शुक्रवार और शनिवार के दो दिन के इवेंट में डॉ. सोनल परिहार ने अपने अलग-अलग लुक्स के जरिए भारतीय शिल्पकला, सांस्कृतिक विरासत और स्त्री शक्ति को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया।

सोनल परिहार का एक लुक बेहद अनोखा और संदेश देने वाला था। प्राशिक पुष्पलता सुखनंदन और इनीत रांधावा द्वारा डिजाइन किए गए इस विशेष परिधान को कंप्यूटर के पार्ट्स और अनुपयोगी हो चुकी कढ़ाई मशीनों के हिस्सों से तैयार किया गया था। यह लुक पारंपरिक हस्तकला और मशीन आधारित आधुनिक फैशन के बीच के संघर्ष को जीवंत कर रहा था। इसके साथ इस्तेमाल किए गए लकड़ी के कंधे के घेरे पारंपरिक भारतीय कढ़ाई फ्रेम से प्रेरित थे, जिसने भारतीय कारीगरों की सदियों पुरानी कला को वैश्विक मंच पर एक नया सम्मान दिलाया। रेड कार्पेट पर उनका दूसरा भारी कढ़ाई वाला परिधान भारत की प्राकृतिक सुंदरता से प्रेरित था।

पारंपरिक राजस्थानी साड़ी और आभूषणों में सजी सोनल ने 400 वर्ष पुरानी दुर्लभ डंका वर्क कला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। डिजाइनर नीतू सिंह के पुनर्जीवित मीना डंका संग्रह में सोने की परत चढ़ी चांदी, तांबा और जर्मन सिल्वर का खूबसूरत उपयोग देखने को मिला, जिसने पारंपरिक शिल्पकला को आधुनिक विलासितापूर्ण फैशन से जोड़ते हुए रेड कार्पेट पर खास पहचान दिलाई।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश