home page

जन्माष्टमी पर सजेगी छोटी काशी: मंदिरों में आधी रात गूंजेगा कान्हा का जयघोष

 | 
जन्माष्टमी पर सजेगी छोटी काशी: मंदिरों में आधी रात गूंजेगा कान्हा का जयघोष


जन्माष्टमी पर सजेगी छोटी काशी: मंदिरों में आधी रात गूंजेगा कान्हा का जयघोष


जन्माष्टमी पर सजेगी छोटी काशी: मंदिरों में आधी रात गूंजेगा कान्हा का जयघोष


जन्माष्टमी पर सजेगी छोटी काशी: मंदिरों में आधी रात गूंजेगा कान्हा का जयघोष


जयपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। छोटी काशी जयपुर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में जन्मोत्सव, अभिषेक, झांकियों, भजन-कीर्तन और विशेष श्रृंगार के आयोजन होंगे। गोविंददेवजी मंदिर में सबसे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर के पट तड़के 4 बजे मंगला झांकी के साथ खुलेंगे और रात 10:30 बजे तक करीब 13 घंटे दर्शन होंगे। रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा के बाद मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव होगा। इस अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इसके बाद पंचामृत अभिषेक होगा, जिसमें 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का उपयोग किया जाएगा।

कृष्ण लीलाओं की झांकियां रहेंगी आकर्षण

शहर के मंदिरों, कॉलोनियों और सोसायटियों में कृष्ण जन्म, वासुदेव द्वारा कान्हा को गोकुल ले जाना, यशोदा संग बाल कृष्ण, माखन चोरी, गोचारण, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन धारण, कंस वध और इंद्र का घमंड चूर करने जैसे प्रसंगों पर झांकियां सजाई जाएंगी। कई स्थानों पर ध्वनि-प्रकाश के जरिए झांकियों को जीवंत स्वरूप दिया जाएगा। गुरुवार को मंदिरों में फूलों, विद्युत रोशनी और विशेष पोशाक-मुकुट से सजावट को अंतिम रूप दिया गया।

गुप्त वृन्दावन में 108 व्यंजनों का भोग

जगतपुरा स्थित गुप्त वृन्दावन धाम में दिनभर चार विशेष अभिषेक सुबह 6:30, 11, शाम 4:30 और रात 10 बजे होंगे। मध्यरात्रि में पंचामृत महाभिषेक और महाआरती होगी तथा भगवान को 108 विशेष व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। कृष्ण-बलराम विशेष मखमली पोशाक धारण करेंगे, जिसे वृन्दावन के कारीगरों ने आरी-तारी वर्क से तैयार किया है। मंदिर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए दर्शन पंक्तियां, बैरिकेडिंग, पार्किंग, मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी, पेयजल, प्रसाद और यातायात व्यवस्था की गई है। दिनभर हरे कृष्ण महामंत्र का जाप और कीर्तन होगा।

गोपीनाथजी में 151 किलो पंचामृत से अभिषेक

पुरानी बस्ती स्थित गोपीनाथजी मंदिर में रात 12 बजे ठाकुरजी का 151 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। 1, 2, 3 और 5 सितंबर को फूल बंगला व विशेष झांकियां सजाई गईं और शाम 6 से रात 9 बजे तक भजन संध्या हुई। जन्माष्टमी पर प्रवेश मुख्य द्वार से और निकासी पीछे स्थित बगीचे की ओर से होगी। जय लाल मुंशी का रास्ता और जाट के कुएं की ओर दो निकासी मार्ग रहेंगे। श्रद्धालुओं के लिए सागारी लड्डू की व्यवस्था भी रहेगी।

तीन मंदिरों में दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव

छोटी काशी के अधिकांश मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्म मध्यरात्रि 12 बजे होगा, जबकि रामगंज बाजार के मंदिर श्री लाडलीजी, चौड़ा रास्ता स्थित राधा-दामोदरजी और नाहरगढ़ पहाड़ी स्थित चरण मंदिर में दोपहर 12 बजे प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। लाडलीजी मंदिर में दोपहर 12 से 3 बजे तक ललित संप्रदायाचार्य संजय गोस्वामी के सान्निध्य में अभिषेक, बधाई गायन, समाज उछाल और प्रसाद वितरण होगा।

अक्षरधाम में कृष्ण जन्म से कंस वध तक झांकियां

वैशाली नगर स्थित बीएपीएस श्री स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में सुबह 8 से रात 12 बजे तक दर्शन और अभिषेक होंगे। जन्मोत्सव, गोकुल-गमन, पूतना वध और कंस वध पर आधारित झांकियां सजेंगी। पंचामृत अभिषेक और पंजीरी प्रसाद के साथ छप्पन भोग लगाया जाएगा। बाल-युवा मंडल कृष्णलीला और नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेगा। सत्संग सभा में भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। बाल संस्कार, व्यसन मुक्ति और पारिवारिक शांति पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बूट हाउस की व्यवस्था रहेगी।

मुरली मनोहरजी में विष्णु सहस्त्रनाम पाठ

गंगापोल बाहर बदनपुरा स्थित मुरली मनोहरजी मंदिर में रात 8 से मध्यरात्रि तक विशेष झांकी, श्रीमद्भागवत, विष्णु सहस्त्रनाम और भगवद्गीता का पारायण होगा। सामूहिक भजन संध्या, हवन, कथा, अभिषेक और आरती के साथ पंचामृत व पंजीरी प्रसाद वितरित किया जाएगा। 6 सितंबर को दोपहर 2 बजे नंदोत्सव होगा।

प्रेमभाया मंदिर में भक्ति संगीत

चांदपोल बाजार स्थित युगल कुटीर में श्री प्रेमभाया मंडल समिति की ओर से रात 8:15 से मध्यरात्रि 12 बजे तक भक्ति संगीत होगा और मध्यरात्रि में जन्म आरती की जाएगी। चंदलाई स्थित श्री प्रेमभाया सरकार, श्री हरियुगल विहार मंदिर में रात 9:15 से 12 बजे तक भक्ति संगीत का आयोजन होगा।

अन्य प्रमुख मंदिरों में भी उत्सव

गोविंददेवजी के अलावा गोपीनाथजी, राधा-दामोदरजी, ब्रजनिधि, आनंद कृष्ण बिहारी, राधा माधवजी, नटवरजी, कुंज बिहारीजी, श्री गोपालजी नागा, तालाब वाले श्री गोपालजी, मुरली मनोहरजी और रोपाड़ा गोपालजी सहित अनेक मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। श्रीकृष्ण-बलराम मंदिर में विशेष पुष्प श्रृंगार किया जाएगा, जबकि इस्कॉन मंदिर मानसरोवर सहित अन्य मंदिरों में लीलाएं, भजन, प्रवचन और धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

5 सितंबर को निकलेगी शोभायात्रा

जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को शाम 4 बजे गोविंददेवजी मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी। यह जलेब चौक, सिरहड्योढ़ी बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार और बगरू वालों के रास्ते से होते हुए गोपीनाथजी मंदिर पहुंचेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश