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गौवंश के लिए 25 प्रतिशत बढ़ाया अनुदान: गोपालन मंत्री

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गौवंश के लिए 25 प्रतिशत बढ़ाया अनुदान: गोपालन मंत्री


जयपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार गौशालाओं एवं नन्दीशालाओं को नियमित रूप से अनुदान उपलब्ध करा रही है। हमारी सरकार ने अनुदान राशि में 25 प्रतिशत वृद्धि की है। इसके बाद भी नियमानुसार राशि में वृद्धि की गई है।

गोपालन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरलाल सहारण के पूरक प्रश्नों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को 9 व नन्दीशालाओं को 12 माह का अनुदान दिया जा रहा है। दिव्यांग एवं दृष्टिबाधित गौवंश के लिए 12 माह सहायता राशि दी जा रही है।

इससे पहले मूल प्रश्न के लिखित जवाब में गोपालन मंत्री ने बताया कि चूरू में 278 गौशालाएं पंजीकृत हैं। राजस्थान गौ—संरक्षण एवं संवर्धन निधि नियम, 2016 (संशोधित 2021) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2016-17 से पात्र गौशालाओं में गौवंश को चारा-पानी एवं पशु आहार के लिए 270 दिवस सहायता राशि दो चरणों में दी जाती है। वर्तमान में बड़े गौवंश के लिए 50 रुपये तथा छोटे गौवंश के लिए 25 रुपये प्रतिदिन सहायता दी जा रही है।

मंत्री ने बताया कि विभाग की अन्य योजनाओं के तहत भी पात्र गौशालाओं को आधारभूत परिसम्पत्तियों के निर्माण के लिए सहायता राशि देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत गौशालाओं में पशु चिकित्सक लगाने और पशु चिकित्सकों का परिवीक्षाकाल एक वर्ष करने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है।

पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत वर्ष 2024-25 व 2025-26 में 42 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए 31 लाख 10 हजार 743 पशुओं के बीमा के लिए आवेदन प्राप्त हुए है। इनमें से 27 लाख 53 हजार 656 आवेदन सही पाए गए, जिनमें से 16 लाख 24 हजार 567 पशुओं की पॉलिसी जारी कर दी गई हैं। वही, 5 लाख 97 हजार 202 पशुओं की बीमा के लिए आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण के दौरान पशु नहीं मिलने, पशु के बेचने, बीमार होने, पशु के दुधारू न होने तथा उम्र सीमा सम्बंधी कारणों के चलते 5 लाख 31 हजार 887 पशुओं के बीमा निरस्त हुए हैं।

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री कुमावत प्रश्नकाल में सदस्य हरीश चौधरी द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक बीमित 31 हजार 448 पशुओं की मृत्यु होने पर 6 हजार 984 पशुओं के दावा हेतु 13 करोड़ 69 लाख 70 हजार रुपये का क्लेम दिया जा चुका है।

कुमावत ने बताया कि बाड़मेर व बालोतरा में कुल 1 लाख 95 हजार 534 पशुओं के बीमा आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 1 लाख 83 हजार 20 आवेदन सही पाए गए। इनमें से 90 हजार 333 पशुओं की पॉलिसी जारी कर दी गई है जबकि 65 हजार 642 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं तथा 27 हजार 45 आवेदन निरस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि बाड़मेर व बालोतरा में 2 हजार 424 पशुओं की मृत्यु हुई, जिसमें से 369 पशुओं के दावा हेतु पशुपालकों को 49 लाख 39 हजार क्लेम का भुगतान किया गया है। साथ ही, 1 हजार 887 दावे प्रक्रियाधीन एवं 168 दावे आवेदन निरस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वेयर एवं चिकित्सक शिविरों में निरंतर जाते हैं। बीमा प्रक्रिया सतत रूप से जारी है।

पशुपालन मंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना में गाय/भैंस व दुधारू पशुओं के बीमा के लिए 1 करोड़ 10 लाख आवेदन हुए, जिसमें से सिर्फ 687 पशुपालकों के 1 हजार 64 पशुओं का बीमा किया गया। पूर्ववर्ती सरकार में पशुओं की मृत्यु पर सिर्फ 23 क्लेम लिए गए, जिनमें से 21 पशुपालकों को 7 लाख 03 हजार की राशि का भुगतान भी वर्तमान सरकार ने किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश