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गुजरात ने राजस्थान के उद्योगपतियों को दिया निवेश का न्योता

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गुजरात ने राजस्थान के उद्योगपतियों को दिया निवेश का न्योता


जयपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान और गुजरात के बीच कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देने की दिशा में गुजरात सरकार ने जयपुर में निवेश का न्योता दिया। गुरुवार को आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 के रोड शो में राजस्थान के उद्योगपतियों, व्यापारियों और उद्यमियों को गुजरात में कारोबार विस्तार, औद्योगिक निवेश और नई तकनीकों से जुड़ी साझेदारियों के अवसरों से अवगत कराया गया। सेमीकंडक्टर निर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण, बैटरी उत्पादन और डेटा सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों को निवेश की संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया।

गुजरात सरकार की ओर से आयोजित यह रोड शो जनवरी 2027 में होने वाले वैश्विक सम्मेलन की तैयारियों का हिस्सा था। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक गांधीनगर के महात्मा मंदिर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में गुजरात के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर राज्य की औद्योगिक नीतियों, बुनियादी ढांचे और निवेशकों को उपलब्ध कराए जाने वाले सहयोग की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार तथा ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने राजस्थान के उद्योगपतियों और व्यापारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2003 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की थी। समय के साथ यह पहल निवेश, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े लोगों के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में विकसित हुई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में जारी विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए राजस्थान के कारोबारियों से आगामी सम्मेलन में भाग लेने और राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। मंत्री के अनुसार, गुजरात सरकार निवेशकों से संवाद बढ़ाने और उन्हें संभावित कारोबारी अवसरों से जोड़ने के लिए देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में भी रोड शो आयोजित कर रही है।

गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल ने दोनों राज्यों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों का उल्लेख किया।

उन्होंने राजस्थान को अपनी जन्मभूमि और गुजरात को कर्मभूमि बताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच व्यापार, निवेश, कौशल विकास और औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने गुजराती और मारवाड़ी उद्यमियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों की औद्योगिक क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक बन सकती हैं। इससे विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, आपूर्ति श्रृंखला और रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

रोड शो में गुजरात की पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ उभरते तकनीकी क्षेत्रों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। रसायन, पेट्रो-रसायन, तेल शोधन और हीरा उद्योग के अलावा राज्य सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, बैटरी निर्माण तथा अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

गुजरात की ओर से साणंद और धोलेरा में विकसित हो रहे औद्योगिक एवं तकनीकी बुनियादी ढांचे का उल्लेख किया गया। इसके साथ ही कच्छ के खावड़ा क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के रूप में सामने रखा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात के बंदरगाहों, हवाई संपर्क, समर्पित माल ढुलाई गलियारे और अन्य परिवहन सुविधाओं को भी उद्योगों के लिए उपयोगी बताया।

इन सुविधाओं के माध्यम से विनिर्माण इकाइयों को कच्चे माल की आपूर्ति, तैयार उत्पादों की ढुलाई और बाजारों तक पहुंच में मदद मिलने की संभावना जताई गई।

रोड शो के बाद मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने बताया कि राजस्थान के कई व्यापारियों और उद्योगपतियों ने गुजरात में कारोबार की संभावनाएं तलाशने तथा वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 में भाग लेने में रुचि दिखाई है। संभावित निवेशकों के साथ बातचीत के जरिए जनवरी में होने वाले सम्मेलन से पहले कारोबारी संपर्कों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

सम्मेलन में उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए वैश्विक व्यापार प्रदर्शनी, खरीदार-विक्रेता बैठकें, आपूर्तिकर्ता विकास कार्यक्रम तथा स्टार्टअप एवं तकनीकी सम्मेलन जैसे मंच प्रस्तावित हैं। इनके माध्यम से कारोबारी नए ग्राहकों, आपूर्तिकर्ताओं और साझेदारों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे।

गुजरात सरकार ने रोड शो के माध्यम से राजस्थान के उद्योग जगत को केवल निवेश के लिए आमंत्रित नहीं किया, बल्कि दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और कौशल विकास में संयुक्त अवसर तलाशना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बताया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित