home page

कांग्रेस की जनसंख्या नियंत्रण नीतियां जनविरोधी रहीं : विधायक गोपाल शर्मा

 | 
कांग्रेस की जनसंख्या नियंत्रण नीतियां जनविरोधी रहीं : विधायक गोपाल शर्मा


जयपुर, 09 मार्च (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने कांग्रेस की जनसंख्या नियंत्रण नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अतीत में अपनाए गए तरीके जनविरोधी थे। विधायक शर्मा ने कहा कि वर्तमान में परिस्थितियां बदल चुकी हैं और जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है, इसलिए दो से अधिक संतानों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी हटाने का निर्णय स्वागत योग्य है। शर्मा ने विभिन्न समुदायों में प्रजनन दर में अंतर, क्षेत्रों में डेमोग्राफी बदलने से बंगाल और पंजाब में हुए विभाजनकारी बदलावों की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया।

चर्चा के दौरान बूंदी से कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा द्वारा दिए गए वक्तव्य पर पलटवार करते हुए विधायक शर्मा ने कहा कि 1970 के दशक में जब देश में जनसंख्या वृद्धि दर लगभग 33 प्रतिशत थी, तब कांग्रेस सरकार ने पुलिस बल के सहारे गांवों को घेरकर जबरन नसबंदी जैसे कदम उठाए। इसके विपरीत राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के नेतृत्व में कानून के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण के उपाय किए गए।

विधायक शर्मा ने कहा कि इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संजय गांधी के समय लागू की गई जनसंख्या नियंत्रण नीति का तरीका जनविरोधी था, जिसे राजस्थान ने स्वीकार नहीं किया।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने भी ऐसे कानून को निरस्त किया है। जनसंख्या और विकास जैसे विषयों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से देखना चाहिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश