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अनुभवानंद द्वाराचार्य बने श्री बालनंदाचार्य मठ के नए पीठाधीश्वर

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अनुभवानंद द्वाराचार्य बने श्री बालनंदाचार्य मठ के नए पीठाधीश्वर


जयपुर, 06 नवंबर (हि.स.)। राजधानी के पुरानी बस्ती स्थित श्री बालनंदाचार्य मठ के नए पीठाधीश्वर के रूप में अनुभवानंद द्वाराचार्य श्री ऋषिकुमार नंदाचार्य महाराज को नियुक्त किया गया है। ढहर के बालाजी स्थित मंदिर श्री रघुनाथ जी, सियाराम बाबा की बगीची में चार संप्रदाय के श्रीमहंत हनुमान दास महाराज (लोहागढ़, सीकर) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तीनों वैष्णव अनी अखाड़ों और रामानंदीय वैष्णव परंपरा के प्रमुख संतों, महंतों एवं श्रीमहंतों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया।

श्री रामानंदीय विरक्त वैष्णव मंडल के अध्यक्ष एवं ढहर के बालाजी के महंत हरिशंकर दास वेदांती महाराज ने बताया कि इस नियुक्ति पर प्रयागराज महाकुंभ के दौरान 31 जनवरी को सहमति बनी थी। उस समय दिगंबर अनी अखाड़े के श्रीमहंत वैष्णव दास महाराज ने प्रस्ताव रखा था। इसके बाद चतुः संप्रदाय और तीनों अनी अखाड़ों के श्रीमहंतों, प्रमुख खालसाओं और पूज्य गुरुदेव की सहमति से अनुभवानंद द्वाराचार्य महाराज को चौकड़ी पुरानी बस्ती स्थित श्री बालनंद जी के मठ का पीठाधीश्वर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था।

इस निर्णय को साकेतवासी लक्ष्मणानंदाचार्य महाराज के इच्छापत्र में अधिकृत एग्जीक्यूटर हरिशंकर दास वेदांती और अरणियाधाम के पीठाधीश्वर हरिदास महाराज ने भी स्वीकृति प्रदान की है।

नवनियुक्त पीठाधीश्वर स्वामी ऋषिकुमारदास महाराज ने कहा कि वे गुरुजनों की आज्ञा को शिरोधार्य करते हैं। साकेतवासी लक्ष्मणानंदाचार्य महाराज की ओर से मठ और उसकी समस्त चल-अचल संपत्तियों के संरक्षण तथा परंपराओं के पालन के लिए निर्धारित सभी शर्तों और नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जगद्गुरु अनुभवानंद द्वाराचार्य महाराज रामानंदीय वैष्णव परंपरा और अखाड़ा मर्यादा के अनुसार विरक्त, वैराग्य एवं निहंगम गद्दी के तहत मठ के सभी धार्मिक और परंपरागत दायित्वों का निर्वहन करेंगे। यदि वे इन दायित्वों का पालन करने में असमर्थ रहते हैं तो तीनों अनी अखाड़ों और चारों संप्रदायों को उन्हें पद से हटाकर किसी अन्य योग्य विरक्त संत को पीठ पर आसीन करने का अधिकार होगा।

बैठक में उपस्थित सभी प्रमुख संतों और महंतों ने नियुक्ति संबंधी निर्णय का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर कर अपनी लिखित स्वीकृति प्रदान की।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश