विश्व वन्यजीव सप्ताह: नाहरगढ़ जैविक उद्यान में वन्यजीवों से रूबरू हुईं छात्राएं
जयपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व वन्यजीव सप्ताह के तहत सोमवार को नाहरगढ़ जैविक उद्यान में ग्रीन पीपल सोसायटी के जयपुर चैप्टर की ओर से वन विभाग के सहयोग से विमुक्ति स्कूल की छात्राओं के लिए विशेष शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। करीब 30 छात्राओं और दो शिक्षिकाओं एकता एवं भूमि ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। वन्यजीवों को करीब से देखकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने वन्यजीव संरक्षण का संकल्प लिया।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने बाघ, सिंह, तेंदुआ, हिप्पोपोटामस, भालू, सियार, लकड़बग्घा, भेड़िया, जंगली कुत्ता, सांभर, चीतल, काकड़, काला हिरण और जंगली बिल्ली सहित विभिन्न वन्यजीवों को देखा। वन्यजीवों की गतिविधियों और उनकी अठखेलियों को नजदीक से देखकर छात्राएं रोमांचित नजर आईं।
उद्यान के विशेषज्ञ एसीएफ जितेंद्र सिंह शेखावत और फोरेस्टर राजाराम ने छात्राओं को विभिन्न वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, भोजन, व्यवहार और जीवनशैली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन्यजीव और उनके प्राकृतिक आवास जैव विविधता का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण की आवश्यकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के बारे में भी जागरूक किया गया।
भ्रमण के बाद डॉ. अशोक ने वन्यजीवों को बेहोश कर सुरक्षित तरीके से बचाव करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने वन्यजीवों के बचाव और पुनर्वास के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाया। इससे छात्राओं को वन्यजीव बचाव कार्य की बारीकियों को जानने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने वन्यजीव विषयक प्रश्नोत्तरी में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही उद्यान परिसर में स्वच्छता अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम में भी सहभागिता निभाई। छात्राओं को वन्यजीवों के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यावरण और हरियाली संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में कर्नल बादल वर्मा और आलोक गुप्ता ने विशेषज्ञ के रूप में सहयोग दिया। ग्रीन पीपल सोसायटी के उपाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस विक्रम सिंह ने कार्यक्रम का समन्वय करते हुए छात्राओं का मार्गदर्शन किया। आयोजकों ने बताया कि भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को वन्यजीव और प्रकृति से जोड़ना तथा उनमें संरक्षण, पर्यावरण संवेदनशीलता और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

