विश्व फोटोग्राफी दिवस पर राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय आयोजन सम्पन्न फोटोग्राफी प्रदर्शनी
अजमेर, 24 अगस्त(हि.स.)। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृति एवं मीडिया अध्ययन विभाग की ओर से विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक समापन हुआ। कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में फोटोग्राफी प्रदर्शनी, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, फोटो कैप्शन लेखन, फोटो स्टोरी लेखन प्रतियोगिता तथा फोटोग्राफी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने कैंपस जीवन, प्रकृक्ति, वास्तुकला, स्ट्रीट लाइफ, पशु-पक्षियों, दैनिक जीवन तथा वनस्पति एवं जीव जगत से जुड़े विभिन्न विषयों को कैमरे के माध्यम से रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों में विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य तथा रोजमर्रा के जीवन के विविध रंग देखने को मिले। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभागियों की रचनात्मकता और दृष्टिकोण की सराहना की। कार्यक्रम में भारतीय फोटोग्राफी के प्रख्यात हस्ताक्षर रघु राय को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की गई। भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए उनके चुनिंदा छायाचित्रों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया।
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के समग्र विकास और व्यापक दृष्टिकोण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर सीखने, नए विचारों को समझने और अपनी रचनात्मकता को सार्थक अभिव्यक्ति देने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रतियोगिताओं में फोटो कैप्शन लेखन में रीना कोंदागुरला ने प्रथम, अनु रावत ने द्वितीय और शांता सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। फोटो स्टोरी लेखन में अंशु लक्सकर प्रथम, दीपक द्वितीय और प्रियंका तृतीय रहीं। वहीं फोटोग्राफी प्रतियोगिता में अभिजीत पी ने प्रथम, राहुल कटारिया ने द्वितीय और नरेश ने तृतीय स्थान हासिल किया।
सामाजिक विज्ञान स्कूल के अधिष्ठाता प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रांत प्रतिक पटनायक ने कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीर खींचने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और जीवन को देखने, समझने और उसे प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने का माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के आयोजन में विभाग के कैमरापर्सन शुभम सिंह, वीडियो एडिटर रवि सैनी सहित विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. निकोलस लकड़ा, डॉ. नीरू प्रसाद, डॉ. अनूप कुमार, अन्य संकाय सदस्य, विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी अनुराधा मित्तल तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। तीन दिवसीय आयोजन में विश्वविद्यालय समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

