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पन्द्रह दिन से पानी नहीं आया तो खाली मटके लेकर हाईवे पर बैठीं महिलाएं

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पन्द्रह दिन से पानी नहीं आया तो खाली मटके लेकर हाईवे पर बैठीं महिलाएं


जालोर, 27 सितंबर (हि.स.)। घरों में 15 दिन से पेयजल की बूंद नहीं पहुंची तो रविवार को ओटवाला गांव की महिलाओं का सब्र जवाब दे गया। हाथों में खाली मटके लेकर महिलाएं जालोर-सायला हाईवे पर बैठ गईं और सड़क जाम कर पेयजल समस्या के समाधान की मांग करने लगीं।

ग्रामीणों का कहना था कि पानी के लिए उन्हें निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। एक टैंकर के लिए 600 से 700 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं और कई परिवारों को हर छह-सात दिन में टैंकर मंगवाना पड़ रहा है।

प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। सूचना मिलने पर जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता रामगोपाल मीणा, सायला तहसीलदार और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से करीब दो घंटे तक बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण तत्काल समाधान की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार अधिकारियों ने खरल स्थित ट्यूबवेल से वैकल्पिक जलापूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और मार्ग पर यातायात बहाल हो सका।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि पानी की समस्या क्षेत्र में वर्षों से बनी हुई है। पिछले चार-पांच साल से गर्मियों में नियमित जलापूर्ति को लेकर परेशानी होती रही है, लेकिन इस बार करीब 15 दिन से सप्लाई बंद होने के कारण हालात ज्यादा खराब हो गए हैं। घरों में पीने के पानी के साथ घरेलू जरूरतों के लिए भी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और महिलाओं का काफी समय पानी की व्यवस्था करने में बीत रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्र में कुछ कृषि बेरों तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाकर खेती की जा रही है, जबकि लोगों के घरों तक पेयजल नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों ने ऐसे मामलों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि पेयजल समस्या को लेकर 181 हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

जलदाय विभाग के जेईएन रामगोपाल मीणा ने बताया कि गुजरात से नर्मदा नहर का पानी करीब 10 दिन से बंद है। इसके चलते तैतरोल से होने वाली जलापूर्ति प्रभावित हुई और विभाग के पास उपलब्ध पानी भी खत्म हो गया। फिलहाल खरल स्थित ट्यूबवेल से क्षेत्र में वैकल्पिक जलापूर्ति शुरू कराई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार नर्मदा से पानी की आपूर्ति बहाल होने में करीब 10 दिन और लग सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने मांग की है कि तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित