महिला यूथ सीएलजी से मजबूत होगा संवाद और सुरक्षा का दायरा
डूंगरपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और पुलिस तथा समाज के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से डूंगरपुर पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण और नई पहल की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में ‘महिला यूथ सामुदायिक संपर्क समूह (महिला यूथ सीएलजी)’ का गठन किया गया है। जिसको लेकर जिला मुख्यालय सहित जिले के चारों वृत्त कार्यालयों पर महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के साथ संवाद और बैठक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस संवाद कार्यक्रम में महिला प्रतिनिधियों, युवा महिलाओं और पुलिस अधिकारियों के बीच पुलिस-महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर और सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई।
आयोजित बैठकों में लगभग 300 महिलाओं एवं बालिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। यूथ सीएलजी पहल के तहत अब तक 2200 से अधिक लोग इस विशेष मुहिम से जुड़ चुके हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला यूथ सीएलजी को पुलिस और समुदाय के बीच संवाद, सहयोग एवं विश्वास का प्रभावी सेतु बनाना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीएलजी सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की युवतियों और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे स्थानीय स्तर की सुरक्षा समस्याओं को सीधे पुलिस तक पहुंचाकर उनका त्वरित समाधान किया जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित सदस्यों को महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। इसमें मुख्य रूप से जीरो एफआईआर की प्रक्रिया, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, पॉक्सो एक्ट के साथ ही किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या खतरे की स्थिति में बिना किसी डर के तुरंत पुलिस से संपर्क करने का आह्वान किया गया।
बैठक में केवल पारंपरिक अपराधों ही नहीं, बल्कि आधुनिक दौर में बढ़ रहे अपराधों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न, साइबर अपराध और सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, ऑनलाइन वित्तीय ठगी और बालिकाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। पुलिस ने सीएलजी सदस्यों से अपील की कि वे पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
बैठक के दौरान महिला यूथ सीएलजी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़े जमीनी मुद्दों और व्यावहारिक समस्याओं को पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखा। सदस्यों द्वारा मुख्य सड़कों और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, स्कूल एवं कॉलेजों के आसपास सीसीटीवी निगरानी को और अधिक मजबूत करने, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस और महिला यूथ सीएलजी के बीच निरंतर समन्वय बनाने के सुझाव दिए। पुलिस अधिकारियों ने इन सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यकतानुसार संबंधित क्षेत्रों में गश्त, निगरानी और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया।
बैठक के समापन पर यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सुरक्षा संबंधी समस्याओं की पहचान करना, जागरूकता फैलाना और अपराधों की रोकथाम करना अधिक सुलभ हो जाएगा।
डूंगरपुर पुलिस का प्रयास है कि इस माध्यम से महिलाओं की आवाज पुलिस तक पहुंचे, सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान हो, और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना और अधिक सुदृढ़ हो। वहीं, महिला यूथ सीएलजी सदस्यों ने भी पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का भरोसा दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

