प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति—परंपराओं और जीवन मूल्यों का करेंगे प्रभावी प्रतिनिधित्व : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 31 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ’विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत चयनित राजस्थान के ’माय भारत स्वयंसेवकों’ को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा यह अनुभव युवाओं में देशभक्ति, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और सुदृढ़ करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ में राजस्थान के युवाओं का चयन राज्य के लिए गौरव का विषय है। देशभर से चयनित 100 युवाओं के दल में राजस्थान के 15 प्रतिभाशाली स्वयंसेवक शामिल होकर हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में राष्ट्र निर्माण एवं जनजागरूकता गतिविधियों में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के वीर जवानों के साथ कार्य करते हुए इन युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों, वहां के जनजीवन, संस्कृति एवं विकास की आवश्यकताओं को निकट से समझने का अवसर मिलेगा। यह अनुभव उन्हें राष्ट्रहित में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान के ये युवा स्वयंसेवक न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे, बल्कि राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का भी प्रभावी प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम से लौटने के बाद वे अपने अनुभवों का उपयोग राज्य में सामाजिक जागरूकता, युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित स्वयंसेवकों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है और राजस्थान के युवा इस दिशा में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
इस कार्यक्रम के लिए युवाओं का चयन एक कड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया है। माय भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘माय भारत पोर्टल‘ पर ‘विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज क्विज‘ का आयोजन किया गया था। इस राष्ट्रव्यापी क्विज में देश भर से कुल 2.59 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया, जिसमें राजस्थान के 16 हजार से अधिक युवाओं ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस कड़ी प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अव्वल रहे राजस्थान के 15 उत्कृष्ट युवाओं को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।
’माय भारत स्वयंसेवक’ 3 जून से रिकांगपिओ आधार शिविर में शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में 5 जून तक अनुकूलन प्रक्रिया होगी, जिससे युवा वहां की कठिन भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप तैयार हो सकें। इसके बाद 6 से 12 जून तक ये स्वयंसेवक 20 चिन्हित सीमावर्ती गांवों में प्रवास करेंगे, जहां वे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अनुशासन व देश सेवा के जज्बे को करीब से महसूस करने के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद कर वहां की सामाजिक, सांस्कृतिक व विकासात्मक परिस्थितियों को समझेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

