बूंद-बूंद पानी का संरक्षण और बिजली की हर यूनिट की बचत
जोधपुर, 02 नवम्बर (हि.स.)। प्रकृति के संरक्षण की शुरुआत छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से होती है। इसी सोच को व्यवहार में उतारते हुए ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल कार्यक्रम के तहत सोमवार को जोधपुर जिले में जल संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस पहल में पशुपालकों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करने से लेकर गौशालाओं में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत घटाने तक के प्रयास किए गए।
अभियान के तहत अधिकारियों एवं संस्था प्रभारियों ने पशुपालकों को पशुओं के लिए पानी के दक्ष उपयोग, जल के अपव्यय पर रोक तथा उपलब्ध जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। गौशालाओं के संचालकों से संपर्क कर पानी की खेलों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा चूने एवं उपयुक्त मात्रा में फिटकरी के उपयोग से जल को स्वच्छ बनाए रखने के संबंध में जानकारी दी गई, ताकि पशुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल मिल सके। वहीं, ऊर्जा संरक्षण को दैनिक कार्यशैली का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से सभी राजकीय कार्यालयों एवं संस्थानों में विशेष पहल की गई।
अधिकारियों एवं कार्मिकों को आवश्यकता के अनुरूप ही लाइट, पंखे एवं एसी का उपयोग करने, अतिरिक्त ट्यूबलाइट एवं पंखे बंद रखने तथा प्राकृतिक रोशनी और हवा का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल का संदेश स्पष्ट है कि जल और ऊर्जा का संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। पशुओं के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था हो या कार्यालयों में अनावश्यक बिजली की खपत पर रोक, हर छोटा प्रयास पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम में योगदान देता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

