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झालाना में 150 टन क्षमता का मैकेनाइज्ड कचरा ट्रांसफर स्टेशन शुरू

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झालाना में 150 टन क्षमता का मैकेनाइज्ड कचरा ट्रांसफर स्टेशन शुरू


जयपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। नगर निगम ने बुधवार को झालाना में 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मैकेनाइज्ड कचरा ट्रांसफर स्टेशन का शुभारंभ किया। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक कालीचरण सराफ, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा, प्रशासक वी. सरवणे, अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत' मिशन को गति देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली से शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी, जिसका लाभ समाज और पर्यावरण दोनों को मिलेगा। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण और उसके संरक्षण का भी आह्वान किया।

विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन से शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नई गति मिलेगी। मालवीय नगर और झालाना जोन में घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर अंतिम निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया अब अधिक वैज्ञानिक और आधुनिक होगी।

नगर निगम के उपायुक्त (गैराज) ने बताया कि मालवीय नगर और झालाना जोन में बढ़ते कचरे की मात्रा को देखते हुए यह 150 टन प्रतिदिन क्षमता का ट्रांसफर स्टेशन विकसित किया गया है। वर्तमान में यहां 100 टन क्षमता का एक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन पहले से संचालित है। नया स्टेशन बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल पर विकसित किया गया है, जिसमें सभी सिविल, विद्युत और मैकेनिकल कार्य निजी कंपनी द्वारा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रांसफर स्टेशन में तीन रिफ्यूज कॉम्पेक्शन यूनिट, पांच हुक लोडर वाहन और सात कंटेनर लगाए गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में संचालन जारी रखने के लिए जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। वार्डों से आने वाले सभी कचरा वाहनों के वजन के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटा लगाया गया है।

स्टेशन पर घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले हूपर वाहनों से प्राप्त कचरे को स्टेटिक कॉम्पेक्टर यूनिट में संपीड़ित कर मशीन के माध्यम से सीधे लांगड़ियावास स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट भेजा जाएगा। इससे कचरे के संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की पूरी प्रक्रिया पूर्णत: मैकेनाइज्ड हो जाएगी। नगर निगम के अनुसार नई व्यवस्था से परिवहन लागत और समय में कमी आएगी, स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। निगम अन्य जोनों में भी इसी प्रकार के मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश