विकसित भारत 2047 की संकल्पना में युवाओं की अहम भूमिका: गर्ग
जोधपुर, 03 जून (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय में वार्षिकोत्सव सृजन- 2026 का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि विधायक बिलाड़ा व बोम के सदस्य अर्जुन लाल गर्ग रहे।
समारोह में विशिष्ट अतिथि जेएनवीयू के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल रहे। अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधायक गर्ग ने कहा कि अगर विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करना है तो कृषि से जुड़े परंपरागत उद्योग धंधों को जीवंत कर उन्हें गति देनी होगी। नौकरी के अतिरिक्त युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप की दिशा में आगे बढऩा होगा। उन्होंने कहा कि युवा शब्द को जब उलट करते हैं तो ये वायु होता है, अर्थात युवाओं में असीम शक्ति है, जो भविष्य के भारत का विश्व में प्रतिनिधित्व करेंगे।
समारोह में कुलगुरु प्रोफेसर शर्मा ने कृषि को सृजन का आधार बताते हुए कहा कि कृषि जीवन का सार, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को कहा कि अपनी प्रतिभा को निखारे, रचनात्मकता का कोई सानी नहीं, इसे निरंतर बढ़ाये। उन्होंने कहा युवा पीढ़ी जितने कमिटमेंट के साथ काम करेगी, राष्ट्र की भी उतनी ही तरक्की होगी। इस दौरान कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान को साकार करने के लिए है, अत: नव सृजन के सहभागी बने। कुलगुरु प्रोफेसर जैतावत ने कहा कि युवा नई सोच, नव निर्माण व नयी संभावनाओं के सृजनकृता बनें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में उत्तम ज्ञान के साथ-साथ सद् चरित्र का भी निर्माण हो।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन एवं महाविद्यालय की वार्षिक प्रगति एवं विविध गतिविधियों की जानकारी महाविद्यालय के अधिष्ठाता व संकायाध्यक्ष डॉ जीवाराम वर्मा ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान अतिथि के रूप में कुलगुरु की धर्मपत्नी सज्जन कंवर की भी मौजूदगी रही।
रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां
उत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं ने एक से बढक़र एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राजस्थानी लोकगीत, बॉलीवुड और हरियाणवी गीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अतिरिक्त अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक खेती के लिए जागरूक करता हुआ नाटक, एकल व समूह गायन ने भी खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में अकादमिक, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस दौरान 351 सर्टिफिकेट का वितरण किया गया। कार्यक्रम में आभार निदेशक एचआरडी व एडीएसडबल्यू डॉ महेंद्र कुमार ने जताया। मंच संचालन सहायक प्रोफेसर, डॉ प्रियंका स्वामी सहित महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

