(अपडेट) गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाऊंगा- विश्वेंद्र सिंह
भरतपुर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। डोटासरा के खिलाफ लगातार बयान देने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहने के संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक पार्टी को औपचारिक इस्तीफा नहीं सौंपा है। डोटासरा ने भी कहा है कि सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सकता। दूसरी ओर, भरतपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा ने भी उनके इस्तीफा देने की जानकारी से इनकार किया है।
विश्वेंद्र सिंह ने अपनी साेशल मीडिया पोस्ट में पार्टी अध्यक्ष को संबोधित करते हुए लिखा कि उनका सार्वजनिक जीवन खुली किताब है और उन्होंने अपने उसूलों तथा आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने पार्टी में कथित चापलूसी की परंपरा पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सच को सच कहना और गलत व झूठ का साथ नहीं देना पाप है, तो वे ऐसा हर बार करेंगे।
उन्होंने आगे लिखा कि ऐसी परिस्थिति में दम घुटने के बजाय स्वाभिमान के साथ अलग होना बेहतर है। अपने पूर्वजों के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि वे शायद अब पार्टी की गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाएंगे। इसके बाद विश्वेंद्र ने एक और पोस्ट शेयर की, जिसमें अपनी फोटो के साथ ऑडियो में हिंदी फिल्म ‘दलाल’ का सॉन्ग ‘ठहरे हुए पानी में कंकड़ ना मार…’ लगाया। उनके इस बयान को कांग्रेस से अलग होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
विश्वेंद्र सिंह की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वे सोशल मीडिया के आधार पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले सकते।
उन्होंने कहा कि विश्वेंद्र सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनकी भावनाओं को भी समझना होगा। साथ ही जिला अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी बातचीत की जाएगी।
डोटासरा ने यह भी कहा कि यदि मामला अनुशासनहीनता का बनता है तो अनुशासन समिति उसका परीक्षण करेगी और प्रक्रिया के बाद ही कोई निर्णय सामने आएगा।
इससे पूर्व विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर और डीग में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा तथा दोनों जिलाध्यक्षों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने टिकट वितरण और संगठन की कार्यशैली को लेकर भी सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की।
इसके बाद विश्वेंद्र सिंह ने 30 सितंबर को डोटासरा के खिलाफ और गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे तथा जांच की मांग की थी। डोटासरा ने बाद में सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक दुष्प्रचार से जोड़कर खारिज किया।
विवाद बढ़ने के साथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी विश्वेंद्र सिंह के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने उनके बयानों को संगठन की परंपरा के विपरीत बताया और उनके रुख पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, विश्वेंद्र सिंह लगातार अपने सोशल मीडिया संदेशों के माध्यम से अपनी बात रखते रहे हैं।
अब विश्वेंद्र सिंह की ताजा पोस्ट के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल उनके अगले कदम को लेकर है। भरतपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा ने भी उनके इस्तीफा देने की जानकारी से इनकार किया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

