यूजीसी विनियम-2026 के विरोध में उग्र प्रदर्शन, हाईवे जाम का प्रयास
दाैसा, 01 मार्च (हि.स.)। यूजीसी विनियम-2026 के विरोध में बुधवार को दौसा जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में युवाओं ने आक्रोश रैली निकालकर प्रदर्शन किया। सिर पर काली पट्टियां बांधे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की, भाजपा के झंडे जलाए और नेताओं के पुतले फूंके। रैली के दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई।
सहजनाथ महादेव मंदिर से आक्रोश रैली की शुरुआत हुई। हाथों में विरोधी नारे लिखी तख्तियां लिए युवा ‘यूजीसी रोल बैक’ के नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। भीड़ को देखते हुए डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कलेक्ट्रेट गेट सहित विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। रैली जब गांधी तिराहा पहुंची तो कुछ युवाओं ने भाजपा के 16 नेताओं के पुतले दहन किए। इस दौरान भाजपा के झंडों में भी आग लगाई गई और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।
पुलिस ने मौके पर स्थिति पर नजर बनाए रखी।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों को गेट पर ही रोक दिया गया। इसी बीच कुछ युवक जयपुर-आगरा नेशनल हाइवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ प्रदर्शनकारी हाईवे तक पहुंच गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस बल ने उन्हें खदेड़कर ट्रैफिक सुचारू करवाया। इस दौरान पुलिस और युवाओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
करीब आधे घंटे तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन की समझाइश से मामला शांत हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी विनियम-2026 को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों को परेशानी हो सकती है और शैक्षणिक संतुलन प्रभावित होगा। उनका कहना था कि नियमों को व्यापक चर्चा के बिना लागू किया गया है।
अंत में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम संजू मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सभा को करणी सेवा की राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी और ब्राह्मण समाज के बाबूलाल टीलावाला सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

