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पीआईबी विजयवाड़ा का पत्रकार दल राजस्थान दौरे पर

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पीआईबी विजयवाड़ा का पत्रकार दल राजस्थान दौरे पर


देश के पहले वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का पहला चरण दिसंबर तक होगा तैयार: अनुराग त्रिपाठी

जोधपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), विजयवाड़ा द्वारा वरिष्ठ संपादकों एवं रिपोर्टरों का पत्रकार दल 17 से 22 अगस्त 2026 के दौरान राजस्थान के दौरे पर है। पत्रकारों का प्रदेश में दौरे का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रमुख विकास परियोजनाओं तथा विभिन्न विभागों की बेस्ट प्रेक्टिसेस का अवलोकन करना है। पीआईबी विजयवाड़ा के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने आज जोधपुर में रेलवे द्वारा संचालित महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के अंतर्गत भगत की कोठी वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो का अवलोकन किया।

इस अवसर पर जोधपुर रेल मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि देश के पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो का पहला चरण दिसंबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। भगत की कोठी में करीब 360 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे इस अत्याधुनिक डिपो का लगभग 80-85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

परियोजना पूरी होने के बाद जोधपुर देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के अनुरक्षण के प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा। पहले चरण में 600 मीटर लंबा मेंटेनेंस ट्रैक और शेड बनाया जा रहा है। इसमें 24 कोच वाली एक पूरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अनुरक्षण की सुविधा होगी। डिपो में एक साथ तीन ट्रेनों का निरीक्षण एवं मेंटेनेंस किया जा सकेगा। इसकी क्षमता प्रतिदिन करीब 8 से 9 ट्रेनों के अनुरक्षण की होगी।

पहले चरण पर करीब 167 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसमें निरीक्षण पिट,सिंक्रोनाइज्ड लिफ्टिंग सिस्टम,ड्रॉप पिट टेबल,पिट व्हील लेथ,ऑटोमेटेड वॉशिंग सिस्टम और व्हील-बोगी मेंटेनेंस जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पूरी ट्रेन रेक को उठाने वाली अत्याधुनिक मशीनरी और बोगी को अलग कर मेंटेनेंस के लिए ड्रॉप पिट टेबल जैसी सुविधाएं भी होंगी। डिपो में तीन स्तर की निरीक्षण व्यवस्था होगी,जिससे वंदे भारत स्लीपर कोच के हाईटेक उपकरणों की जांच अधिक सटीकता से की जा सकेगी। समर्पित व्हील रैक सिस्टम और विशेष परीक्षण प्रयोगशाला भी विकसित की जाएगी।

दूसरे चरण पर करीब 195 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 178 मीटर लंबा ट्रैक, कवर्ड वर्कशॉप,इंस्पेक्शन बे-लाइन,ओएचई सुविधा वाली पिट लाइन, पिट व्हील मेंटेनेंस का विस्तार और सर्विस बिल्डिंग शामिल हैं। इसके अलावा करीब 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में ट्रेनिंग सेंटर और सिमुलेटर रूम विकसित किए जाएंगे। जोधपुर डिपो में केवल स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण की सुविधा होगी।

देश में जोधपुर के अलावा दिल्ली के बिजवासन, बेंगलुरु के थानिसंद्रा, दिल्ली के आनंद विहार और मुंबई के वाडी बंदर में भी ऐसी अनुरक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो के निर्माण का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को किया था। शुरुआत में परियोजना की लागत 167 करोड़ रुपए थी, जिसे बाद में विस्तार देते हुए करीब 360 करोड़ रुपए किया गया। परियोजना का क्रियान्वयन उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से किया जा रहा है। इसमें रेल विकास निगम लिमिटेड और रूस-भारत के संयुक्त उपक्रम काइनेट रेलवे सॉल्यूशन तकनीकी साझेदार के रूप में सहयोग कर रहे हैं।

दौरे के अंतर्गत पत्रकार प्रतिनिधिमंडल जोधपुर और जयपुर का भ्रमण करेगा। इस अवसर पर जोधपुर में पत्रकार दल केंद्र सरकार के विभिन्न संस्थानों तथा प्रमुख दार्शनिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन करेगा। इस दौरान काजरी, आफरी, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान तथा फुटवेअर डिजाइन एंड डेव्लपमेंट इन्स्टिट्यूट, आईआईएचटी का दौरा भी करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश