जयपुर में जुटेंगे देशभर के यूरोलॉजी विशेषज्ञ: 25 से अधिक रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी का होगा लाइव प्रदर्शन
जयपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। यूरोलॉजी के क्षेत्र में उपचार की नई तकनीकों,जटिल बीमारियों और रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी पर मंथन के लिए देशभर के प्रमुख यूरोलॉजिस्ट 18 और 19 सितंबर को जयपुर में जुटेंगे। दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन टोंक रोड दुर्गापुरा स्थित होटल रॉयल ऑर्चिड में किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाई मानसिंह अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर से रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा।
इस कॉन्फ्रेंस में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में बने दो ऑपरेशन थिएटरों से एक साथ सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। डॉक्टरों की टीम रोबोटिक और लेप्रोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन कर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को पूरी प्रक्रिया दिखाएगी। दो दिनों में 25 से अधिक रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी किए जाने की जानकारी दी गई है।
कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन एवं एसएमएस मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम प्रियदर्शी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य यूरोलॉजी के क्षेत्र में नए चिकित्सकों को रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की आधुनिक तकनीकों और उनकी बारीकियों से परिचित कराना है।
उन्होंने बताया कि लाइव सर्जरी के दौरान रोबोट और लेप्रोस्कोपी के माध्यम से रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी करने की प्रक्रिया, इसमें आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में विशेषज्ञ विस्तार से जानकारी देंगे। इससे कॉन्फ्रेंस में शामिल चिकित्सकों को वास्तविक ऑपरेशन प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के गठन के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें एसएमएस मेडिकल कॉलेज से यूरोलॉजी की पढ़ाई कर चुके चिकित्सक भी शामिल होंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे।
आयोजन में देशभर से यूरोलॉजी विशेषज्ञों के साथ पीजी विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को यूरोलॉजी में विकसित हो रही तकनीकों, रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी और आधुनिक उपचार पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है।
कॉन्फ्रेंस में यूरोलॉजी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों, उनके उपचार, आधुनिक तकनीकों और जटिल मामलों में सर्जरी की चुनौतियों पर विशेषज्ञों के बीच चर्चा होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

