राजस्थान दिवस पर स्मारकों में उमड़ी भीड़: पर्यटकों का राजस्थानी अंदाज में स्वागत
जयपुर, 19 मार्च (हि.स.)। जयपुर में राजस्थान दिवस के अवसर पर गुरुवार को विशेष कार्यक्रमों की धूम रही। इस मौके पर राज्य के सभी स्मारकों और संग्रहालयों में पर्यटकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया, जिससे विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। जिसके चलते आमेर महल, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, हवा महल, नाहरगढ़ किला और जंतर-मंतर सहित अन्य स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। पर्यटकों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया।
पर्यटक स्थलों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक कलाकारों ने कच्ची घोड़ी नृत्य, कठपुतली नृत्य और शहनाई वादन जैसी प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर पर्यटक भी झूमते नजर आए और कार्यक्रमों का आनंद लिया।
आमेर महल के अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि राजस्थान दिवस और नवरात्र के प्रथम दिन के चलते पर्यटकों के साथ श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या रही। भीड़ को देखते हुए महल प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं कीं और सुरक्षा के लिए जगह-जगह होमगार्ड के जवान तैनात किए गए। सिंहपोल द्वार पर पर्यटकों का तिलक और माला से स्वागत किया गया।
वरिष्ठ टूरिस्ट गाइड महेश कुमार शर्मा ने बताया कि 30 मार्च 1949 को राजस्थान का एकीकरण हुआ था और इसी दिन राज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है, जहां किले-महल के साथ शौर्य और बलिदान की गौरवशाली परंपरा भी देखने को मिलती है। इस बार चैत्र मास के प्रथम दिन राजस्थान दिवस मनाया जाना एक सकारात्मक पहल है।
पर्यटकों ने आमेर महल के दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शीश महल और मानसिंह महल सहित ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कर सराहना की। राजस्थान दिवस पर सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं और सुविधाओं की सैलानियों ने खुलकर प्रशंसा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

