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इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ने रचा नया आयाम

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इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ने रचा नया आयाम


अजमेर, 25 अप्रेल(हि.स.)। राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूआरएज), बांदरसिंधरी के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला (इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यशाला वैज्ञानिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा शोध सहयोग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।

कार्यशाला के दूसरे दिन डॉ. रितु गुप्ता ने “एडवांस इन इलेक्ट्रोक्रोमिक डिवाइसेस” विषय पर व्याख्यान दिया। प्रो. प्रवीण पी. इंगोले ने “अंडरस्टैंडिंग सुपरकैपेसिटर्स: फंडामेंटल प्रिंसिपल्स एंड मटेरियल्स” विषय पर हैंड्स-ऑन सत्र का संचालन किया, जबकि प्रो. ससंका डेका ने “इलेक्ट्रोकेमिकल वाटर स्प्लिटिंग: फ्रॉम फंडामेंटल्स टू प्रैक्टिकल इम्प्लीमेंटेशन” पर व्याख्यान एवं प्रायोगिक सत्र आयोजित किया। इसके अतिरिक्त, चालमर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (स्वीडन) की प्रो. ऐन-सोफी कैन्स ने “इलेक्ट्रोकेमिकल बायो-सेंसिंग नैनो डिवाइसेस फॉर न्यूरोनल स्टडीज” विषय पर अपना विशिष्ट व्याख्यान प्रस्तुत किया।

कार्यशाला के तीसरे दिन डॉ. पंकज गुप्ता ने “बेसिक्स ऑफ इलेक्ट्रोकेमिकल बायो-सेंसर्स” विषय पर हैंड्स-ऑन सत्र आयोजित किया। समापन चरण में प्रतिभागियों के ज्ञान मूल्यांकन हेतु एमसीक्यू आधारित परीक्षण भी आयोजित किया गया।

इस कार्यशाला में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों—आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मंडी, आईआईटी इंदौर, एमएनआईटी जयपुर, एनआईटी जयपुर, एनआईटी सिक्किम, आईआईएसईआर भोपाल, मणिपाल विश्वविद्यालय, आरजीआईपीटी, आईआईपीई विशाखापट्टनम, पीडीईयू गांधीनगर आदि—से आए विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो इस कार्यक्रम के व्यापक एवं राष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है।

कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला ने सैद्धांतिक ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों को उन्नत विद्युत-रासायनिक तकनीकों एवं प्रयोगात्मक विधियों से परिचित कराया गया, जिससे वे शैक्षणिक अध्ययन और व्यावहारिक अनुसंधान के बीच की दूरी को प्रभावी रूप से कम कर सके।

कार्यशाला के तकनीकी सत्र क्षेत्र के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा संचालित किए गए। उनके ज्ञानवर्धक व्याख्यानों एवं सहभागितापूर्ण प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों के शिक्षण अनुभव को समृद्ध बनाया तथा उन्हें इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री के क्षेत्र में नवीनतम शोध प्रवृत्तियों एवं उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई।

तीन दिनों के दौरान प्रतिभागियों ने प्रयोगशाला प्रदर्शनों, तकनीकी चर्चाओं एवं ज्ञान-विनिमय सत्रों में सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने उन्नत उपकरणों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हुए क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों एवं नवाचारों की गहन समझ विकसित की।

कार्यशाला का समापन वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतिभागियों से प्राप्त सकारात्मक फीडबैक ने कार्यक्रम की प्रभावशीलता, प्रासंगिकता एवं उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता को रेखांकित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष