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रोशनी और राजस्थानी विरासत के रंगों से सजेगी गुलाबी नगरी की दीपावली

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रोशनी और राजस्थानी विरासत के रंगों से सजेगी गुलाबी नगरी की दीपावली


जयपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही गुलाबी नगरी में उत्सव की रौनक बढ़ने लगी है। शहर के प्रमुख बाजारों में सजावट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कहीं रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी लगाई जा रही है तो कहीं आकर्षक स्वागत द्वार और धार्मिक झांकियां तैयार की जा रही हैं। इस बार जयपुर की दीपावली में राजस्थानी संस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत का संगम देखने को मिलेगा। बाजारों के साथ प्रमुख मंदिरों में भी विशेष सजावट, दीपदान, पूजा-अर्चना और आरती के आयोजन होंगे।

जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि चारदीवारी के ऐतिहासिक बाजारों में दीपावली की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। जौहरी बाजार, बापू बाजार, त्रिपोलिया बाजार, किशनपोल बाजार, चांदपोल बाजार और चौड़ा रास्ता में आकर्षक विद्युत सजावट की जाएगी। रंग-बिरंगी रोशनी के साथ विशेष सजावटी द्वार बनाए जाएंगे। दुकानों पर मिट्टी के दीपक, सजावटी सामान, रंगोली, आभूषण, कपड़े और उपहारों की नई रेंज सजने लगी है। शाम होते ही बाजारों में रौनक बढ़ रही है और खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही तेज होने लगी है।

गणगौरी बाजार में हवा महल और जंतर-मंतर की झलक दिखाने वाली विरासत आधारित सजावट होगी। छोटी चौपड़ पर 42 फीट चौड़ी और 36 फीट ऊंची राम मंदिर की आकर्षक झांकी तैयार की जाएगी। इसमें रामसेतु निर्माण का दृश्य भी प्रदर्शित होगा, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

परकोटा निवासी पंडित हरि शर्मा के अनुसार दीपावली पर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष उत्साह रहेगा। श्री गोविंद देवजी मंदिर को फूलों, दीपों और विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा। विशेष पूजा-अर्चना और आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी विशेष सजावट और दर्शन की व्यवस्था रहेगी। बिरला मंदिर में आकर्षक रोशनी के बीच मां लक्ष्मी और भगवान नारायण के दर्शन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएंगे। ताड़केश्वर महादेव मंदिर, गढ़ गणेश मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होंगे।

पंडित गौरव शर्मा के अनुसार दीपावली पर शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की धूम रहेगी। मंदिरों में दीपदान, लक्ष्मी पूजन, विशेष आरती और भजन-कीर्तन होंगे। गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट महोत्सव की तैयारियां भी की जाएंगी। देवस्थान विभाग की ओर से प्रदेश के 541 मंदिरों में पांच दिवसीय दीपोत्सव के तहत विशेष सजावट और आरती कार्यक्रमों के लिए स्वीकृति दी गई है। इससे धार्मिक स्थलों पर उत्सव की भव्यता बढ़ेगी। बाजारों में सांस्कृतिक झांकियों और सजावट के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

दीपावली की सजावट से जयपुर के व्यापार और पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। प्रमुख बाजारों में स्थानीय लोगों के साथ देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। सेंट्रल स्पाइन क्षेत्र में 51 सजावटी स्वागत द्वार बनाने और दीपावली कार्निवल आयोजित करने की योजना है। वहीं, बाजारों में साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और अग्निशमन सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

व्यापारियों और प्रशासन की कोशिश है कि दीपावली पर जयपुर आने वाले लोगों को खरीदारी के साथ रोशनी और सांस्कृतिक विरासत का यादगार अनुभव मिले। इस बार गुलाबी नगरी की दीपावली घरों और बाजारों की सजावट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत, लोक संस्कृति और आधुनिक रोशनी का भव्य उत्सव बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश