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राजस्थान के 147 निकायों में लोकतंत्र की परीक्षा, 87.60 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला

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राजस्थान के 147 निकायों में लोकतंत्र की परीक्षा, 87.60 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला


जयपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव का दूसरा चरण शुक्रवार को मतदान के साथ एक और बड़े सियासी पड़ाव में प्रवेश करेगा। प्रदेश के 147 शहरी निकायों में 87.60 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 18,266 प्रत्याशियों में से पार्षद चुनेंगे। मतदान के साथ ही हजारों प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी और 14 सितंबर को मतगणना के दौरान जनादेश सामने आएगा।

दूसरे चरण का मुकाबला खास इसलिए भी है कि यहां प्रदेश के बड़े नगर निकायों के साथ अनेक नगर परिषद और नगर पालिकाओं में स्थानीय मुद्दों पर चुनावी संघर्ष देखने को मिलेगा। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है, लेकिन कई निकायों में निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी दोनों प्रमुख दलों के समीकरणों को चुनौती दे रहे हैं। कहीं मुकाबला सीधा है तो कहीं त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय संघर्ष ने चुनाव को रोचक बना दिया है।

दूसरे चरण में प्रत्याशियों की संख्या के लिहाज से जयपुर नगर निगम सबसे आगे है। यहां 723 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसके विपरीत धोरीमन्ना नगरपालिका में केवल 41 प्रत्याशी मैदान में हैं।

यानी एक ओर प्रदेश की राजधानी का बड़ा चुनावी अखाड़ा है, तो दूसरी ओर छोटी नगरपालिका में सीमित प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है।

प्रदेश के सभी 309 निकायों में कुल 4,744 वार्ड हैं। इन वार्डों में पार्षद पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के साथ कई जगह स्थानीय चेहरों और निर्दलीयों का प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। दूसरे चरण में किशनगढ़, पुष्कर, टोंक, बहरोड़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सरदारशहर, गंगापुर सिटी, सीकर, सिरोही, निंबाहेड़ा, राजसमंद, मकराना, हिंडौन सिटी, दौसा, लालसोट, डीग, बालोतरा, फलोदी और सलूंबर नगर परिषदों में मतदान होगा।

चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी थी।

अब प्रत्याशियों के दावे और वादे मतदाताओं के फैसले में बदलने वाले हैं। मतदान से एक दिन पहले गुरुवार को पोलिंग पार्टियों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। मतदान कर्मियों को ईवीएम संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी दी गई। इसके बाद टीमें अपने-अपने बूथों पर पहुंचीं और मतदान की तैयारियां पूरी कीं।

दूसरे चरण में झुंझुनूं की मंड्रेला नगरपालिका का वार्ड नंबर 13 भी खास चर्चा में है। यहां केवल 92 मतदाता हैं और यह वार्ड किसी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है।

यानी एक ओर जयपुर जैसे बड़े निकाय में सैकड़ों प्रत्याशी और लाखों मतदाताओं का चुनावी माहौल है, वहीं दूसरी ओर ऐसा वार्ड भी है जहां मतदाताओं की संख्या दो अंकों में है। मतदान के दिन सरकारी और निजी कर्मचारियों के लिए सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। यदि किसी कर्मचारी का मतदान क्षेत्र दूसरे शहर में है, तो वोट डालने के लिए वहां जाने पर भी छुट्टी और वेतन संबंधी प्रावधान लागू रहेगा।

मतदान से पहले मतदाताओं को अपनी मतदाता सूची में नाम की जांच करने और मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने पर निर्धारित वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों के माध्यम से भी मतदान किया जा सकता है।

मतदान के दिन बारिश की संभावना को लेकर भी राहत की खबर है। मौसम अपडेट के अनुसार 12 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और मानसून कमजोर रहने के कारण मतदान के दौरान बारिश से बड़ी बाधा की संभावना नहीं है।

भाजपा-कांग्रेस के दावों के बीच निर्दलीयों की चुनौती कितनी असरदार रही और किसके पक्ष में मतदाताओं ने भरोसा जताया—इसका जवाब चुनाव परिणाम में मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित