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स्वर से समाधान : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर उत्तर पश्चिम रेलवे की अनूठी पहल

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स्वर से समाधान : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर उत्तर पश्चिम रेलवे की अनूठी पहल


बीकानेर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे के चिकित्सा विभाग ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से ‘स्वर से समाधान’ विशेष अभियान की शुरुआत की। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के अभियान की इस वर्ष की वैश्विक थीम “जीने के अनुभवों को सुनें—वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव” थी। इस थीम से प्रेरित यह अभियान इस संदेश पर केंद्रित है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से जूझ रहे प्रत्येक व्यक्ति की बात को धैर्यपूर्वक सुनना, उसकी परिस्थितियों को समझना और समाधान खोजने में उसका सहयोग करना आवश्यक है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्रीय चिकित्सालय, जयपुर में तनाव प्रबंधन विषय पर एक संवादात्मक संगोष्ठी आयोजित की गई।

यह पहल डॉ. राम मटोरिया, अतिरिक्त मुख्य स्वास्थ्य निदेशक एवं नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा प्रारंभ की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय साहा, चिकित्सा निदेशक, केंद्रीय चिकित्सालय, जयपुर ने की। इस अवसर पर डॉ. सुबैदा मलफिकन, मुख्य स्टाफ सर्जन, तथा डॉ. रुचि जैन, अतिरिक्त मुख्य स्वास्थ्य निदेशक (प्रशासन एवं सामान्य) भी उपस्थित रहीं।

संगोष्ठी में डॉ. राम मटोरिया एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति शर्मा ने तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों की पहचान, प्रभावी सामना करने की रणनीतियों तथा समय पर पेशेवर सहायता प्राप्त करने के महत्व पर प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में 50 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की तथा तनाव, भावनात्मक स्वास्थ्य और कार्यस्थल की चुनौतियों से संबंधित प्रश्न एवं चिंताएँ साझा कीं। डॉ. मटोरिया ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं और समस्याओं का समाधान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव