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कृषि मंत्री के औचक निरीक्षणों में मूंगफली के बीजों की गुणवत्ता में बड़ी अनियमितता उजागर

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कृषि मंत्री के औचक निरीक्षणों में मूंगफली के बीजों की गुणवत्ता में बड़ी अनियमितता उजागर


जयपुर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देशानुसार प्रदेश में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने तथा बीजों की गुणवत्ता में अनियमितता करने वाली फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई के क्रम में किए गए औचक निरीक्षणों में गंभीर अनियमितता सामने आई है। निरीक्षण के दौरान लिए गए मूंगफली के बीज नमूनों में से ग्रो आउट टेस्ट के जरिए जांचे गए 15 नमूनों में 14 नमूने आनुवंशिक शुद्धता के निर्धारित मानकों पर अमानक पाए गए, जबकि केवल एक नमूना मानक पाया गया।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ व्यापारी एवं फर्म किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के बजाय बाजार से अनाज खरीदकर उसे बीज के रूप में आकर्षक पैकिंग में पैक कर बेच रहे हैं। इस सूचना के आधार पर गोविंदगढ़, सीकर, जयपुर, सुजानगढ़, चूरू एवं बीकानेर में संबंधित फर्मों का विभागीय अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया गया।

इसके बाद मूंगफली की जीजी-10, आरजी-510, टीजी-37 ए, टीजीवी-24 एवं आरजी-578 किस्मों से संबंधित 15 नमूनों के बीजों को उगाकर चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने संबंधित संदर्भ किस्मों के साथ उनकी किस्म की पहचान एवं आनुवंशिक शुद्धता का परीक्षण किया। जांच में 15 में से 14 नमूने आनुवंशिक शुद्धता के मामले में अमानक पाए गए।

कृषि मंत्री ने बताया कि परीक्षण परिणामों के अनुसार जीजी-10 किस्म के चार नमूनों में आनुवंशिक शुद्धता का स्तर 4.12 से 6.37 के बीच पाया गया। टीजीवी-24 किस्म के एक नमूने में आनुवंशिक शुद्धता मात्र 2.25 प्रतिशत मिली। इसी प्रकार, आरजी-510 किस्म के पांच नमूनों में आनुवंशिक शुद्धता 61.12 से 67.25 के बीच तथा आरजी-578 किस्म के चार नमूनों में 30.12 से 37.75 प्रतिशत के बीच पाई गई।

डॉ. मीणा ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण बीजों की किस्म की पहचान एवं आनुवंशिक शुद्धता सुनिश्चित करने में ग्रो आउट टेस्ट एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इस परीक्षण में बीजों को उगाकर उनकी विशेषताओं की संबंधित प्रमाणित संदर्भ किस्मों से तुलना की जाती है, जिससे बीजों की वास्तविक आनुवंशिक शुद्धता का आकलन किया जा सके।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि मामले में संबंधित फर्मों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा उनके लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और गुणवत्ताहीन बीजों की बिक्री तथा किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक एवं कीटनाशी समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर निगरानी एवं कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित