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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रहे मेडिकल स्टोर, केमिस्ट ने की सांकेतिक हड़ताल

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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रहे मेडिकल स्टोर, केमिस्ट ने की सांकेतिक हड़ताल


चित्तौड़गढ़, 20 मई (हि.स.)। अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, जनस्वास्थ्य पर मंडरा रहे खतरों और छोटे केमिस्ट व्यापारियों के संरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को चित्तौड़गढ़ जिले के दवा विक्रेताओं ने सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान जिले की सभी दवा दुकानें बंद रहीं। केमिस्टों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। जिले में विरोध के चलते करीब एक हजार मेडिकल स्टोर बंद रहे।

चित्तौड़गढ़ जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव रमेश अग्रवाल ने बताया कि जिले में बुधवार को जिलाध्यक्ष रमेश मेहता के नेतृत्व में आंदोलन किया गया। इसमें लंबे समय से ऑनलाइन माध्यमों से कथित अवैध दवा बिक्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के विरोध में यह हड़ताल की गई। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव अग्रवाल ने बताया कि देश भर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बिना स्पष्ट कानूनी व्यवस्था के दवाओं की बिक्री हो रही है। फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण और डीप डिस्काउंटिंग जैसी गतिविधियां मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। अग्रवाल ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान दवा व्यापारियों ने दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी। लेकिन वर्तमान में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के चलते लाखों छोटे लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री व होम डिलीवरी पर रोक लगाने, जीएसआर 817 ई और जीएसआर 220 ई को तत्काल प्रभाव से वापस लेने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डीप डिस्काउंट और प्रिडेटरी प्राइसिंग नीति पर नियंत्रण की मांग की गई। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि जनहित, मरीजों की सुरक्षा और दवा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल