निकायों में सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर सख्ती
जयपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश के नगर निकायों में पिछले 9 माह से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासन के जरिए कामकाज संचालित किया जा रहा है। इस दौरान सफाई व्यवस्था, रोड लाइट, सड़कों की बदहाली और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर आमजन में नाराजगी बढ़ रही है। आगामी दिनों में निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सख्ती शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में शनिवार को स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निकायों को सफाई व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर निर्देश जारी किए। निकाय प्रशासन को डोर-टू-डोर शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, बंद रोड लाइटों को चालू करने और लावारिस पशुओं को रेस्क्यू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आमजन की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा गया है।
जानकारी के अनुसार निगम रोजाना शहरभर से औसतन 1400 से 1600 टन कचरा संग्रहित कर पा रहा है। वहीं पूर्व में विशेष सफाई अभियान के दौरान एक दिन में 2000 टन से अधिक कचरा उठाया गया था। विभाग ने हर घर और दुकान से शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने, कचरा पात्रों को समय पर खाली करने और खुले कचरा डिपो खत्म करने के निर्देश दिए हैं। कचरा यार्ड और प्रोसेसिंग प्लांट में जमा पुराने लिगेसी वेस्ट के तेजी से निस्तारण को भी कहा गया है।
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों का तत्काल पैचवर्क करवाकर उन्हें आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी वार्डों में बंद रोड लाइटों की पहचान कर उनकी मरम्मत करवाने और रोशनी व्यवस्था सुचारू करने को कहा गया है।
निकायों को सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इन निर्देशों के बाद निकायों की कार्यप्रणाली पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

