जयपुर में यातायात सुधार पर सख्त निर्देश: समयसीमा में पूरे हों जेडीए प्रोजेक्ट, लापरवाही पर होगी पेनल्टी
जयपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स को तय समयसीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ परफॉर्मेंस और लिक्विडिटी पेनल्टी की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और यातायात पुलिस को आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रमुख निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीबीआई फाटक, सालिग्रामपुरा फाटक और सिविल लाइन फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण, गोपालपुरा और सांगानेर एलिवेटेड रोड परियोजनाओं को गति देने तथा उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जेएलएन मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन योजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने प्रस्तावित अरण्य भवन-जगतपुरा एलिवेटेड रोड की डीपीआर शीघ्र तैयार करने, अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी अंडरपास तथा राम मंदिर-रेलवे यार्ड-रेलवे सर्किल के बीच प्रस्तावित आरओबी की पुनः व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर की डीपीआर भी जल्द तैयार करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड को सिग्नल फ्री बनाने, डबल यू-टर्न विकसित करने तथा रामबाग चौराहे पर लागू फ्री लेफ्ट टर्न व्यवस्था को अन्य प्रमुख चौराहों पर भी लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर के चिन्हित चौराहों पर लेन निर्धारण, गोलचक्कर निर्माण और अनियमित मीडियन ओपनिंग को बंद करने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियंत्रित क्रॉसिंग, जेब्रा क्रॉसिंग और स्कूल क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महल रोड, डिग्गी रोड और कालवाड़ रोड की सेक्टर सड़कों के विकास कार्यों को भी तेजी से पूरा करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने शहर में पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित और नियमबद्ध बनाने के लिए जेडीए, नगर निगम और यातायात पुलिस को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने और एफएम रेडियो के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया।
बैठक में यातायात पुलिस द्वारा वीओसी मोबाइल एप, आईटीएमएस प्रणाली और ड्रोन तकनीक के उपयोग की जानकारी प्रस्तुत की गई।
मुख्यमंत्री ने जयपुर में यातायात के रीयल टाइम प्रबंधन के लिए एक आधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, जिसे मॉडल सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन सभी प्रयासों से जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा और आमजन को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

