home page

बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर

 | 
बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर


जोधपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जोधपुर जिले में व्यापक स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों, पुलिस अधिकारियों एवं संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सुदृढ़ निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था लागू की गई है।

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आलोक रंजन द्वारा अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) एवं पीपल पूर्णिमा (एक मई) के मद्देनजर आदेश जारी कर बाल विवाह की रोकथाम के लिए उप नियंत्रक, नागरिक सुरक्षा कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 16 अप्रैल से 15 मई तक 24 घंटे कार्यशील रहेगा। नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0291-2650349 एवं 0291-2650350 निर्धारित किए गए हैं।

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम एवं तहसील स्तरीय समितियों तथा सतर्कता दलों का गठन किया गया है। ग्राम स्तरीय समिति में सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी एवं बीट कांस्टेबल को शामिल किया गया है,जबकि तहसील एवं पंचायत समिति स्तर पर तहसीलदार, प्रधान, विकास अधिकारी एवं संबंधित थानाधिकारी को सदस्य बनाया गया है।

जिला स्तर पर गठित सतर्कता दल में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला प्रमुख, संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट, पुलिस वृत्ताधिकारी, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह दल विभिन्न विभागों के समन्वय से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं निगरानी सुनिश्चित करेगा। जिला कलक्टर ने बताया कि बाल विवाह करवाना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके अनुसार विवाह के लिए लडक़े की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लडक़ी की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। उन्होंने उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

दंड प्रक्रिया संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत जारी आदेशों के जिले में मुद्रण कार्य करने वाले समस्त व्यक्तियों को निर्देशित किया गया है कि उनके द्वारा विवाह हेतु मुद्रित किये जाने वाले निमंत्रण पत्रों के संबंध में वर-वधू की आयु संबंधित प्रमाण प्राप्त कर विवाह निमंत्रण पत्रों में वर-वधू की जन्मतिथि का अंकन करें। साथ ही, निमंत्रण पत्रों की प्रति निरीक्षण के समय संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे तथा सामूहिक विवाह आयोजनों में पंजीकृत जोड़ों की जन्मतिथि संबंधी सूचना आयोजन तिथि से 7 दिन पूर्व देना अनिवार्य किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश