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महिलाओं और युवा उद्यमियों को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, “शक्ति वंदन” से हुनर को मिलेगी नई पहचान

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महिलाओं और युवा उद्यमियों को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, “शक्ति वंदन” से हुनर को मिलेगी नई पहचान


जयपुर, 09 मई (हि.स.)। आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेवायाम और रामार्थम फाउंडेशन के बीच शनिवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के माध्यम से दोनों संस्थाएं महिलाओं, युवाओं, स्टार्टअप उद्यमियों एवं हुनरमंद प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराएंगी, जिससे वे अपने कौशल को व्यवसायिक स्वरूप देकर आत्मनिर्भर बन सकें।

एमओयू पर सेवायाम की संस्थापक पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर और रामार्थम फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. संजय खण्डेलवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रामार्थम फाउंडेशन के सीईओ दुष्यंत यादव, कोषाध्यक्ष अभिषेक सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि सेवायाम और रामार्थम का यह गठबंधन केवल एक औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि विकसित भारत की मजबूत सामाजिक और आर्थिक नींव रखने का अभियान है। उन्होंने कहा कि “शक्ति वंदन” के माध्यम से महिलाओं की प्रतिभाओं और हुनर को पहचान दिलाकर उन्हें व्यापार, स्वरोजगार और स्टार्टअप से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रही हैं, लेकिन ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों में अब भी अनेक प्रतिभाएं उचित मंच और मार्गदर्शन के अभाव में पीछे रह जाती हैं। सेवायाम और रामार्थम मिलकर ऐसी महिलाओं को प्रशिक्षण, परामर्श, नेटवर्किंग और व्यवसायिक सहायता उपलब्ध कराएंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकें।

वहीं डॉ. संजय खण्डेलवाल ने कहा कि भारत के युवा आज विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में युवा विदेशी कंपनियों और देशों के लिए कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देश के युवा अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार का उपयोग भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में करें।

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई दिशा देगी। दोनों संस्थाएं मिलकर ऐसे मॉडल तैयार करेंगी, जिनसे स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर, मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराया जा सके।

इस दौरान आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तीकरण, स्टार्टअप संस्कृति और कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प भी लिया गया। संस्था के सीईओ दुष्यंत यादव ने बताया कि यह पहल आने वाले समय में युवाओं और महिलाओं के लिए परिवर्तनकारी साबित होगी तथा राजस्थान से एक नए सामाजिक-आर्थिक आंदोलन की शुरुआत करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश