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आधुनिक बीकानेर के निर्माता पूर्व महाराजा गंगा सिंह की जयंती पर विशेष व्याख्यान

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आधुनिक बीकानेर के निर्माता पूर्व महाराजा गंगा सिंह की जयंती पर विशेष व्याख्यान


बीकानेर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में आधुनिक बीकानेर के निर्माता एवं दूरदर्शी शासक महाराजा गंगा सिंह जी की 146वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को महर्षि कण्व भवन स्थित सभागार में भव्य समारोह एवं विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाराजा गंगा सिंह के बहुआयामी व्यक्तित्व, उनके दूरदर्शी नेतृत्व, जनकल्याणकारी कार्यों, शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण तथा बीकानेर राज्य के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया गया। समारोह का उद्देश्य युवा पीढ़ी को महाराजा गंगा सिंह जी के विचारों, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित कराना तथा उनकी विरासत को समकालीन संदर्भों में समझने के लिए प्रेरित करना रहा।

मीडिया प्रभारी डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने की। समारोह में बीकानेर के पूर्व राजपरिवार की राज्यश्री कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि प्रख्यात विद्वान जानकी नारायण जी श्रीमाली ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। समारोह के प्रारंभ में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. प्रभुदान चरण ने अतिथियों का स्वागत किया।

श्रीमाली ने अपने विस्तृत व्याख्यान में महाराजा गंगा सिंह जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के विभिन्न ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रामाणिक तथ्यों के साथ प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाराजा गंगा सिंह जी केवल बीकानेर के शासक ही नहीं थे, बल्कि वे दूरदर्शी प्रशासक, कुशल कूटनीतिज्ञ, जनकल्याण के पक्षधर और आधुनिक सोच वाले नेतृत्वकर्ता के रूप में भी विशिष्ट पहचान रखते थे। उनकी नीतियों और विकासपरक दृष्टिकोण ने बीकानेर को एक नई दिशा प्रदान की तथा राज्य की पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह की मुख्य राज्यश्री कुमारी ने अपने संबोधन में महाराजा गंगा सिंह के व्यक्तित्व से जुड़े आत्मीय एवं कम चर्चित प्रसंग साझा किए। उनके वक्तव्य ने समारोह को विशेष भावनात्मक आयाम प्रदान किया। उन्होंने महाराजा साहब के जीवन के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करते हुए उनके व्यक्तित्व की मानवीय संवेदनाओं, कार्यशैली और दूरदर्शिता को समझने का अवसर प्रदान किया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि महाराजा गंगा सिंह का जीवन दूरदर्शी नेतृत्व, विकास के प्रति प्रतिबद्धता, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।

कार्यक्रम का संचालन सह अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संतोष कंवर शेखावत ने किया। अंत में वित्त नियंत्रक देवेंद्र सिंह राठौड़ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस गरिमामयी अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अनिल छंगाणी, प्रोफेसर राजाराम चोयल, डॉ. बिट्ठल बिस्सा, डॉ. गौतम कुमार मेघवंशी, डॉ. धर्मेश हरवानी, डॉ. प्रगति सोबती, डॉ. फौजा सिंह, डॉ. मानकेशव सैनी, डॉ. उमेश शर्मा सहित अन्य अतिथि शिक्षक, अधिकारीगण, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव