एसएमएस कार्डियक सेंटर में जल्द शुरू होंगी आपातकालीन सेवाएं
जयपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में बन रहा एक्सीलेंस ऑफ कार्डियक सेंटर अब पूरी तरह शुरू होने की दिशा में आगे बढ़ गया है। सेंटर के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। यहां ओपीडी के बाद अत्याधुनिक कैथ लैब भी शुरू कर दी गई है। अब दीपावली के बाद सेंटर में हृदय रोगियों के लिए इमरजेंसी सेवाएं भी शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद मरीजों को दिल से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल के अलग-अलग विभागों और इमरजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, सेंटर में सबसे पहले ओपीडी शुरू की गई थी, जहां प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है। हाल ही में यहां अत्याधुनिक कैथ लैब भी शुरू कर दी गई है। हालांकि, फिलहाल हृदय रोग से जुड़े आपातकालीन मरीजों को अस्पताल की पुरानी इमरजेंसी में ही उपचार के लिए ले जाना पड़ रहा है। दीपावली के बाद सेंटर में इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने से यह व्यवस्था भी एक ही परिसर में उपलब्ध हो जाएगी।
उत्तर भारत के सरकारी क्षेत्र के इस तरह के पहले कार्डियक सेंटर के रूप में विकसित किए जा रहे इस केंद्र में हृदय रोगों की जांच से लेकर उपचार तक की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। यहां एमआरआई, सीटी स्कैन, टीएमटी, होल्टर, आइसोटोप लैब और 2डी ईको जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा कैथ लैब की संख्या भी बढ़ेगी। वर्तमान में एसएमएस अस्पताल में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए चार कैथ लैब संचालित हैं। कार्डियक सेंटर शुरू होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर छह हो जाएगी।
डॉ. माहेश्वरी के अनुसार, सेंटर में अभी कुछ जरूरी उपकरण स्थापित किए जाने बाकी हैं। इन्हें लगाने के बाद केंद्र को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा सकेगा। उनका कहना है कि भविष्य में यहां हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करना भी लक्ष्य है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय में हृदय रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कार्डियोलॉजी विभाग पर मरीजों का दबाव भी बढ़ रहा है। नए सेंटर के शुरू होने से मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर और एकीकृत उपचार मिल सकेगा।
एसएमएस अस्पताल का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट दो चरणों में तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में हुई थी। योजना के अनुसार, इसी साल जनवरी तक यहां हृदय रोगियों का उपचार शुरू किया जाना था, लेकिन निर्माण और अन्य कार्यों में लगातार देरी के कारण इसकी शुरुआत टलती रही। अब पहले चरण का काम पूरा होने के साथ ओपीडी और कैथ लैब शुरू हो चुकी हैं। दीपावली बाद इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने से सेंटर के संचालन को गति मिलेगी। पूरी क्षमता से शुरू होने पर यह केंद्र हृदय रोगियों के लिए जांच, आपातकालीन उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र बन सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

