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एफडीडीआई विस्थापन की वेदना ने छुआ दिल

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एफडीडीआई विस्थापन की वेदना ने छुआ दिल


जोधपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। विस्थापन का दर्द जब मंच पर अभिनय के जरिए जीवंत हुआ तो दर्शक भावुक हो उठे। फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) जोधपुर के प्रेक्षागृह में साइलेंट एक्सोडस नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। निदेशक स्वाति व्यास के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने विस्थापन की पीड़ा, संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं को तीन मार्मिक कहानियों के माध्यम से दर्शकों के सामने साकार किया। मंचन के समापन पर पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा और दर्शकों ने खड़े होकर कलाकारों को स्टैंडिंग ओवेशन दिया।

साइलेंट एक्सोडस की प्रस्तुति 30 दिवसीय प्रस्तुति-परक नाट्य कार्यशाला का परिणाम रही। कार्यशाला में 31 बाल कलाकारों ने निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने अभिनय को निखारा। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली और अभिनय गुरुकुल से जुड़े ख्यातिप्राप्त अभिनेताओं एवं निर्देशकों ने जोधपुर पहुंचकर बच्चों को अभिनय की बारीकियों, मंचीय प्रस्तुति एवं रंगमंच की तकनीकों से परिचित कराया।

कार्यशाला के दौरान पीयूष मिश्रा, इश्तियाक खान, रमेश बोहरा, अरविंद भट्ट, सुनील माथुर एवं भवानी सिंह चौहान जैसे ख्यातिप्राप्त कलाकारों एवं रंगकर्मियों ने बाल कलाकारों को प्रशिक्षण दिया। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुई प्रस्तुति में बच्चों ने अभिनय के साथ-साथ संवाद, भावाभिव्यक्ति और मंच अनुशासन की प्रभावी झलक प्रस्तुत की।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश