एसआई भर्ती पुनः परीक्षा 20 सितंबर को: 11 जिलों के 666 केंद्रों पर 2.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
जयपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से उप-निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन 20 सितंबर को प्रदेश के 11 जिलों में किया जाएगा। परीक्षा के लिए कुल 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2 लाख 18 हजार 131 पंजीकृत अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पारियों में आयोजित होगी।
आरपीएससी अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने बताया कि अजमेर में 74, अलवर में 48, भरतपुर में 58, बीकानेर में 47, हनुमानगढ़ में 23, जयपुर में 187, जोधपुर में 81, कोटा में 58, श्रीगंगानगर में 10, टोंक में 16 और उदयपुर में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पारी में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर होगा। दूसरी पारी में दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान की परीक्षा आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 17 सितंबर को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। अभ्यर्थी आवश्यक विवरण दर्ज कर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
आयोग ने इस बार ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प यानी अनुत्तरित प्रश्न भरना अनिवार्य किया है। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है तो उसे पांचवां गोला भरना होगा। इसके लिए प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। आयोग की ओर से इस संबंध में वेबसाइट पर शुद्धि पत्र भी जारी किया जा चुका है।
परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा शुरू होने से 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी स्थिति में अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
नकल, जालसाजी और डमी अभ्यर्थियों की रोकथाम के लिए थंब इंप्रेशन और फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रवेश के दौरान एचएचएमडी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से अभ्यर्थियों की जांच होगी। मेटा ग्लासेस और ब्लूटूथ डिवाइस जैसे हाईटेक उपकरणों की रोकथाम के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। परीक्षा प्रक्रिया की निर्धारित एसओपी के अनुसार वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पूर्व में डिबार किए गए अभ्यर्थियों पर एसओजी और एटीएस की ओर से विशेष निगरानी रखी जा रही है।
आयोग अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखना आयोग की प्राथमिकता है। किसी भी अनुचित गतिविधि या डमी अभ्यर्थी बैठाने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितता मिलने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

