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एसआई भर्ती-2021 निरस्त करने के विरोध में चयनित अभ्यर्थियों का सत्याग्रह

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एसआई भर्ती-2021 निरस्त करने के विरोध में चयनित अभ्यर्थियों का सत्याग्रह


एसआई भर्ती-2021 निरस्त करने के विरोध में चयनित अभ्यर्थियों का सत्याग्रह


जयपुर, 08 मई (हि.स.)। राजस्थान एसआई भर्ती-2021 को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। भर्ती निरस्त करने और दोबारा परीक्षा आयोजित कराने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर चयनित प्रशिक्षु उप निरीक्षकों और उनके परिजनों ने सत्याग्रह एवं धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में 750 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों ने भाग लेकर सरकार से निर्दोष अभ्यर्थियों को राहत देने और भर्ती रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।

धरने के दौरान धरियावद से थावरचंद डामोर भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों से बातचीत की। इसी दौरान चयनित महिला एसआई संतोष कुमारी खराड़ी ने अपनी वर्दी विधायक को सौंपते हुए भावुक अपील की कि सरकार इस वर्दी की गरिमा बनाए रखे और ईमानदारी से चयनित युवाओं का भविष्य सुरक्षित करे। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक, डमी अभ्यर्थियों या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता सामने आई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सभी चयनित अभ्यर्थियों को एक साथ दंडित करना न्यायसंगत नहीं है। उनका कहना था कि सरकार को जांच के आधार पर दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग-अलग करना चाहिए।

गौरतलब है कि वर्ष 2021 में आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा पास कराने के मामलों का खुलासा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने किया था। जांच के बाद कई चयनित एसआई समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया था, जिसे बाद में डबल बेंच ने भी बरकरार रखा। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, लेकिन वहां भी हाईकोर्ट के फैसले में कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने भर्ती परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया। चयनित अभ्यर्थियों का विरोध इसी निर्णय को लेकर है। उनका कहना है कि लंबे समय तक चली चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण और सेवा ज्वाइन करने के बाद दोबारा परीक्षा कराना उनके साथ अन्याय है।

महिला प्रशिक्षु एसआई संतोष कुमारी खराड़ी ने कहा कि सरकार को जल्द सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर मेहनत से चयनित युवाओं को न्याय दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा कराना किसी समस्या का समाधान नहीं है। अभ्यर्थी पहले कठिन भर्ती परीक्षा पास कर चुके हैं और बाद में एसओजी की जांच प्रक्रिया से भी गुजर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार दोबारा परीक्षा कराकर युवाओं के जीवन के वे पांच वर्ष वापस लौटा पाएगी, जो इस भर्ती प्रक्रिया में बीत गए।

धरने में शामिल चयनित एसआई भगीरथ सिंह ने कहा कि वे पहले सेना और एनएसजी में सेवाएं दे चुके हैं। इसके बाद उनका चयन पटवारी और वीडीओ पद पर हुआ तथा उन्होंने डेढ़ वर्ष तक पटवारी के रूप में कार्य भी किया। बाद में उन्होंने एसआई पद ज्वाइन किया। उन्होंने कहा कि दोषियों को दंड मिलना चाहिए, लेकिन निर्दोष युवाओं का भविष्य बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।

भगीरथ सिंह ने बताया कि करीब 368 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने दूसरी सरकारी नौकरियां छोड़कर एसआई पद ग्रहण किया था। अब भर्ती निरस्त होने से उनके सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से इन अभ्यर्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कहा कि वे अपनी निष्पक्षता साबित करने के लिए सामूहिक रूप से नार्को एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए भी तैयार हैं। उनका कहना है कि इन वैज्ञानिक जांचों के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए और निर्दोष अभ्यर्थियों को सेवा में बनाए रखा जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश