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ऋषि पंचमी पर होगा श्रावणी उपाकर्म: वैदिक मंत्रों के बीच धारण करेंगे नया यज्ञोपवीत

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ऋषि पंचमी पर होगा श्रावणी उपाकर्म: वैदिक मंत्रों के बीच धारण करेंगे नया यज्ञोपवीत


जयपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। छोटीकाशी जयपुर में मंगलवार को ऋषि पंचमी का पर्व धार्मिक आस्था और वैदिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रावणी उपाकर्म के आयोजन होंगे। श्रद्धालु वैदिक रीति-विधान से दसविध स्नान कर पुराने यज्ञोपवीत का विसर्जन करेंगे और विधि-विधान से नवीन यज्ञोपवीत धारण करेंगे। दिनभर ऋषि पूजन, तर्पण और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलेगा।

श्रावणी उपाकर्म के दौरान हेमाद्रि संकल्प, ऋषि तर्पण, पितृ तर्पण और गायत्री मंत्र जाप सहित विभिन्न अनुष्ठान किए जाएंगे। श्रद्धालु वैदिक ऋषियों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके स्मरण और पूजन में शामिल होंगे।

ब्रह्मपुरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में प्रात:काल विशेष ऋषि पूजन के बाद भव्य हवन का आयोजन किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन में श्रद्धालु आहुतियां देंगे।

खोले के हनुमानजी मंदिर स्थित पंडित राधेलाल चौबे वेद विद्यालय में नवीन प्रवेशित वैदिक बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न होगा। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हेमाद्रि संकल्प, दशविध स्नान, ऋषि तर्पण, गायत्री पूजन और हवन कराया जाएगा। इसके बाद बटुकों को नवीन यज्ञोपवीत धारण कराया जाएगा।

ऋषि पंचमी के अवसर पर माहेश्वरी, दायमा, दाधीच, पारीक और गौतम समाज की ओर से पारंपरिक रूप से रक्षाबंधन पर्व भी मनाया जाएगा। माहेश्वरी समाज के शैक्षणिक संस्थानों में इस अवसर पर अवकाश रहेगा। वहीं पारीक समाज सहित विभिन्न समाजों की ओर से ऋषि पूजन के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान समाजजन परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश